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धारवाड़ ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र: रोचक होगा मुकाबला

भाजपा अभ्यर्थियों की प्रथम सूची जारी हुई है। जिले में उम्मीद के तहत जगदीश शेट्टर, अरविंद बेल्लद को टिकट दिया गया है।
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  karnataka Assembly elections 2018

हुब्बल्ली. भाजपा अभ्यर्थियों की प्रथम सूची जारी हुई है। जिले में उम्मीद के तहत जगदीश शेट्टर, अरविंद बेल्लद को टिकट दिया गया है। इनके साथ धारवाड़ क्षेत्र से अमृत देसाई को टिकट देने के साथ विनय कुलकर्णी के सामने टक्कर की चुनौती देने वाले बराबर की टक्कर के अभ्यर्थी को ही भाजपा ने चयन किया है।

विनय कुकर्णी के खिलाफ भाजपा से किसे टिकट दिया जाएगा इस बात पर सभी को उत्सुकता थी। प्रथम सूची में ही अमृत देसाई ने स्थान प्राप्त कर लिया है। इसके जरिए यह साफ हो गया है कि अमृत देसाई को अभ्यर्थी के तौर पर चयन करने के मुद्दे पर भाजपा वरिष्ठों को कोई उलझन नहीं थी।

भाजपा ने प्रत्याशी बदला
2008 के चुनाव में सीमा मसूती भाजपा की अभ्यर्थी के तौर पर कद्दावर अभ्यर्थी कहे जाने वाले विनय कुलकर्णी को हराया था। आगामी दिनों में रसूक बचाने में नाकाम होने से सीमा मसूती 2013 के चुनाव में विनय कुलकर्णी के सामने हार गईं। इस कारण से ही मौजूदा चुनाव में उनके हाथ से टिकट छूट गया।


रोचक होगा मुकाबला
अमृत देसाई को मैदान में उतारने से मात्र धारवाड़ क्षेत्र के रण में रंगत आने की उम्मीद जनता में थी। अब चुनाव मैदान में विनय कुलकर्णी तथा अमृत देसाई के बीच सीधी टक्कर होना पक्का है। दोनों बराबर के टक्कर के अभ्यर्थी होने से जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करेंगे।

सीमा के बदले रूपाली
महिलाओं को प्राथमिकता देने के लिए ही भाजपा वरिष्ठों ने पूर्व में सीमा मसूती को धारवाड़ से मौका दिया था परन्तु इस बार विनय कुलकवर्णी के खिलाफ सीमा मसूती के फीकी पडऩे के कारण इन्हें टिकट देने से पीछे हट गए। सीमा मसूती को टिकन नहीं देने की सूरत में महिलाओं को मौका नहीं देने का आरोप लगने की सम्भावना थी। इसे समायोजित करने के लिए वरिष्ठों ने नया मार्ग खोज लिया। पड़ोस के उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार विधानसभा क्षेत्र से रूपाली नायक को टिकट दिया है। इसके साथ ही अमृत देसाई का रास्ता आसान हो गया।

कांटे की टक्कर

जाति के मुद्दे पर आएं तो विनय कुलकर्णी तथा अमृत देसाई दोनों लिंगायत हैं। क्षेत्र में लिंगायत ही प्रमुख हैं। इसके चलते जाति के मुद्दा यहां गौण है। दोनों के पीछे अपार जनसमर्थन है। अमृत देसाई इसी क्षेत्र से दो बार जद(ध)से मैदान में उतरे थे परन्तु जीत नहीं पाए थे। इस भाग में जद(ध) का मजबूत नहीं होना भी इसके लिए कारण था। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान अमृत देसाई ने जद(ध) को छोडक़र भाजपा में शामिल हुए थे।

इसके अलावा प्रहलाद जोशी की जीत के लिए भी कारणीभूत रहे। भाजपा में शामिल होने के बाद से देसाई का रुतबा बढ़ा है। विनय कुलकर्णी भी कोई कम नहीं है। जिला प्रभारी मंत्री बनने के बाद उनकी ताकत बहुंत बढ़ी है। साथ में लिंगायत आंदोलन का समर्थन भी उनके हाथ में है। इन सब कारणों से विनय कुलकर्णी तथा अमृत देसाई के बीच रोचक मुकाबला होगा।

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