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karnataka Assembly elections 2018 : वाहन जुटाने के लिए जूझ रहे हैं अधिकारी

चुनाव पर्यवेक्षक दलों के कर्मचारियों की आवाजाही के लिए जरूरी वाहनों को जुटाने के लिए जिला प्रशासन जूझ रहा है।

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karnataka Assembly elections 2018

हुब्बल्ली. बारह मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के मतदान तथा इससे पूर्व सुरक्षा कर्मियों, चुनाव पर्यवेक्षक दलों के कर्मचारियों की आवाजाही के लिए जरूरी वाहनों को जुटाने के लिए जिला प्रशासन जूझ रहा है।

प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के लिए विशेष सुरक्षा बल (एसपीजी) की सुरक्षा वाले नेताओं के आने पर तो जिला प्रशासन को अधिक वाहनों को उपलब्ध करवाना है। इसके लिए निजी वाहनों को किराए पर लेकर देने की स्थिति बनी हुई है। कई बार वाहन मालिकों को समझाइशी कर तो कई बार जबरन वाहनों को प्राप्त किया जा रहा है।

जिले में विभिन्न अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल करने के लिए 160 सरकारी वाहन हैं, इसके अलावा मासिक किराए के आधार पर भी वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में चुनाव कार्य के लिए नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सुरक्षा निगरानी कर रहे अद्र्ध सैनिक बल के जवानों के लिए सैकड़ों वाहनों को उपलब्ध करना है। इस जिम्मेदारी को जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एसबी बोम्मनहल्ली ने धारवाड़ तथा हुब्बल्ली प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को सौंपी है। शहर में 6 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान एसपीजी ने डेरा डाला था। उनकी आवाजाही के लिए 26 इनोवा गाडिय़ां तथा 15 बोलेरो वाहन उपलब्ध करने के निर्देश दिए गए थे। विशेष मॉडल के वाहनों को उपलब्ध करने में आरटीओ के पसीने छूट गए।

परिवहन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि चार्टर्ड एकाउंटेंट, चुनाव पर्यवेक्षक, विधानसभा क्षेत्रों के अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, फ्लाइंग स्क्वाड कर्मचारियों को विभिन्न विभागों के लिए तैनात वाहनों को उपलब्ध किया गया है। इसके बावजूद अचानक तुरन्त वाहनों को उपलब्ध करने की चुनौती पेश आ रही है। 12 मई को होने वाले मतदान के लिए 8 32 बसों की मांग है। परिवहन निगम की बसें, निजी स्कूल वाहन, ट्रेवल एजेंसी की बसों को प्राप्त किया जा रहा है। निजी व्यक्तियों से भी वाहन लिए जा रहे हैं। उम्मीद के हिसाब से वाहन उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।

चुनाव कार्य में कुलपति की कार
धारवाड़ के कर्नाटक विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, हुब्बल्ली के कर्नाटक राज्य विधि विश्वविद्यालय के कुलपतियों, कुलसचिवों, किम्स के निदेशक, मुख्य वन संरक्षण अधिकारी के अलावा वीवीआईपी के जिले के दौरे के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहन भी चुनाव कार्य में जुटे अधिकारियों को दिए गए हैं।

मिल रहा पूरा सहयोग
&जिलाधिकारी ने बताया कि जितने वाहन चाहिए उस हिसाब से सरकारी विभागों के वाहन, मासिक किराए के आधार पर प्राप्त वाहनों को उपलब्ध किया है। चुनाव कार्य के लिए निजी व्यक्ति भी अपने वाहन देकर सहयोग दे रहे हैं।
अय्यप्पस्वामी नालवतवाडमठ, आरटीओ हुब्बल्ली