karnataka bandh बेंगलूरु: कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहा विवाद जारी है। कर्नाटक के किसान तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने का लगातार विरोध कर रहे हैं। विरोध के चलते 26 सितंबर को कन्नड समर्थक संगठनों ने बेंगलूरु बंद रखा। इस बीच कावेरी जल नियामक समिति ने कर्नाटक को 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक तमिलनाडु को 3,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश दिए। आदेश के बाद कन्नड समर्थक संगठनों ने 29 सितंबर को पूरा कर्नाटक बंद (karnataka bandh) रखा। इसका राज्य मेें मिश्रित असर देखने को मिला। बंद (karnataka bandh) के कारण राज्य में दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही बंद रही। इसका प्रभाव राज्य के परिवहन पर पड़ा। बंद (karnataka bandh) के दौरान परिवहन सेवाएं ताे चालु रही, लेकिन यात्रियों के नहीं होने से बसें बंद ही रही।
पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लागू की। बेंगलूरु शहर के बॉर्डर पर 200 पुलिस अफसर तैनात किए गए। इसके बावजूद कन्नड समर्थक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। विरोध कर रहे संगठन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विरोध कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। Karnataka bandh by pro-Kannada organizations has effect in the state