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बागी शरत को भाजपा ने किया निष्कासित

कार्रवाई

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बागी शरत को भाजपा ने किया निष्कासित

बागी शरत को भाजपा ने किया निष्कासित

बेंगलूरु. भाजपा ने विधानसभा उपचुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर उपजे असंतोष पर काबू पाने की कोशिश तेज कर दी है। पार्टी ने असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए होसकोटे में अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करने वाले शरत बच्चेगौड़ा को पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। पार्टी शरत के पिता व सांसद बी एन बच्चेगौड़ा के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।

मुख्यमंत्री बी एस येडियूरप्पा ने खुद सोमवार को शरत को पार्टी से निष्कासित किए जाने की घोषणा की। येडियूरप्पा ने संकेत दिया कि चिकबल्लापुर से लोकसभा सदस्य शरत के पिता बच्चेगौड़ा के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। बच्चेगौड़ा को पहले ही उपचुनाव के प्रचार कार्य से दूर रखा गया है। येडियूरप्पा ने कहा कि शरत को निष्कासित करने के बारे में पहले ही निर्णय लिया जा चुका है, उनको पार्टी में बनाए रखने का कोई सवाल ही नहीं है।

येडियूरप्पा ने कहा कि अयोग्य ठहराए गए विधायक एमबीटी नागराज को भाजपा में शामिल होने के बाद शरत और उनके पिता बच्चेगौड़ा को विश्वास में लेकर ही टिकट दिया गया था। होसकोटे में नागराज के लिए प्रचार करने के बाद येडियूरप्पा ने कहा कि हम केंद्रीय नेतृत्व को राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं। बच्चेगौड़ा के बारे में पूछे जाने पर येडियूरप्पा ने कहा कि उनकी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

येडियूरप्पा ने कहा कि उन्होंने खुद नागराज को टिकट दिए जाने से पहले दोनों से बात की थी लेकिन दोनों अब बात से पलट गए हैं। अब जनता उन्हें सबक सिखाएगी। येडियूरप्पा ने कहा कि अब सांसद को चाहिए कि वह अपने पुत्र को नाम वापस लेने के लिए समझाएं। नागराज को ईमानदार नेता बताते हुए येडियूरप्पा ने कहा कि गठबंधन सरकार में महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री होने के बावजूद वे सरकार से बाहर आए। येडियूरप्पा ने नागराज की जीत दावा करते हुए कहा कि जनता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को सबक सिखाएगी।

गौरतलब है कि भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद शरत ने नागराज के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया है। जद-एस ने शरत को समर्थन देने की घोषणा की है। शरत पिछले साल हुए चुनाव में नागराज से हार गए थे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि शरत के नामांकन वापस लेने से इनकार करने के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। साथ ही सांसद होने के बावजूद उनके पिता को भी भाजपा उम्मीदवार के चुनाव प्रचार से दूर रखा गया है।