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सभी मंत्रीपद भर कांग्रेस ने दिया है सत्ता में साझेदारी का सूक्ष्म संकेत!

उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मिल सकता है मौका

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सभी मंत्रीपद भर कांग्रेस ने दिया है सत्ता में साझेदारी का सूक्ष्म संकेत!

सभी मंत्रीपद भर कांग्रेस ने दिया है सत्ता में साझेदारी का सूक्ष्म संकेत!

बेंगलूरु. सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में सभी मंत्रीपद एक साथ भरे जाने से पार्टी के उन नेताओं को मौका मिलने की उम्मीद जगी है जिन्हें इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। सिद्धरामय्या के लोकसभा चुनावों या ढाई साल बाद सत्ता की कमान उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सौंपने की अटकलें भी तेज हुई हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर उम्मीद की जा रही थी कि कम से कम 4 मंत्रीपद खाली रखे जाएंगे ताकि, नाराज विधायकों को आगे चलकर समयाोजित की जा सके। लेकिन, पार्टी आलाकमान ने लोकसभा चुनावों तक या अगले ढाई वर्षों तक के लिए लाबिंग के सारे दरवाजे बंद कर दिए। सूत्रों का कहना है कि सभी मंत्रीपद एक बार में ही भरने की मांग डीके शिवकुमार कर रहे थे जिसपर आलाकमान सहमत हो गया। हालांकि, डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया लेकिन, उनके समर्थक इसे मुख्यमंत्री पद के तौर पर डीके शिवकुमार को मौका मिलने के सूक्ष्म संकेत के तौर पर देख रहे हैं। इसलिए कई विधायकों को उम्मीद है कि उन्हें अगली बार मौका मिल सकता है।

मंत्री पद के दावेदार चामराजनगर के विधायक सी पुट्टरंग शेट्टी ने कहा कि, पार्टी ने उन्हें विधान सभा में डिप्टी स्पीकर बनाने की पेशकश की है, लेकिन वह ढाई साल बाद मंत्री बनने की उम्मीद कर रहे हैं। सिद्धरामय्या सरकार में सभी रिक्तियों को भरकर, कांग्रेस ने अपने सभी मंत्रियों को एक सूक्ष्म संदेश दिया है कि सरकार के प्रदर्शन की मध्यावधि समीक्षा केवल दिखावटी कवायद नहीं होगी। पार्टी आलाकमान ने यह भी साफ किया है कि मुख्यमंत्री को मंत्री पद के दावेदारों की छींटाकशी में फंसे बिना चुनावी वादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रीत करना चाहिए। सिद्धरामय्या के अधिकांश वफादारों को मंत्रिपरिषद में समयाोजित करने की मांग भी पार्टी आलाकमान ने मान ली है। इससे सिद्धरामय्या को सरकार चलाने की खुली छूट और सरकार को राजनीतिक स्थिरता मिलेगी।

हालांकि, आगे चलकर सिद्धरामय्या सरकार के प्रदर्शन की गहन समीक्षा से इनकार नहीं किया जा सकता। अगले चरण के कैबिनेट फेरबदल में पार्टी उन समुदायों को समायोजित कर सकती है, जिन्हें इस बार प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद नाराज विधायकों से कहा कि किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। धैर्य रखना चाहिए। विधायकों को अवसर मिलेंगे।