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कर्नाटक : छात्रों के हित में एसएसएलसी परीक्षा का निर्णय

स्कूल-कॉलेजों को फिर से शुरू करने को लेकर कोई भ्रम नहीं

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बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डॉ. सी. एन. अश्वथ नारायण ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश बोर्ड दसवीं (एसएसएलसी) की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय छात्रों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे अगले स्तर की शिक्षा को सुगम होगी।

वे सुत्तूर मठ प्रमुख स्वामी शिवरात्रि देशिकेंद्र से शिष्टाचार भेंट के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि देशिकेंद्र ने जेएसस शिक्षण संस्थान में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने पर हामी भरी है।

स्कूल-कॉलेज शुरू करने पर कोई भ्रम नहीं
मंत्री ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों को फिर से शुरू करने को लेकर कोई भ्रम नहीं है। 18 वर्ष से ऊपर के छात्रों के लिए कॉलेज खोलने का निर्णय इनका टीकाकरण पूरा होने के बाद लिया जाएगा। तकनीकी समिति की राय पर विचार करते हुए परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। सरकार की ओर से किसी ने भी कक्षाओं के शुरू होने के बारे में निश्चित रूप से घोषणा नहीं की है।

ढील पर मुख्यमंत्री लेंगे निर्णय
कोविड -19 मानदंडों में और ढील देने के बारे में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि मॉल और सिनेमा हॉल सहित कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन में ढील की मांग की है। इससे संबंधित कोई भी निर्णय बैठक मुख्यमंत्री बी. एस. येडियूरप्पा पांच जुलाई को होने वाली बैठक में लेंगे।