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ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित चिकित्सक को जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा

- आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई तो होंगे डिस्चार्ज

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देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ के लिए राहत की खबर, लेकिन पड़ोसी राज्यों ने बढ़ाई चिंता

बेंगलूरु. ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित 46 वर्षीय चिकित्सक का शहर के बॉरिंग अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सक पेशे से एनेस्थेटिस्ट हैं और सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं। उन्हें सोमवार को ही अस्पताल से डिस्चार्ज करने की योजना थी। बशर्ते उनकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव हो।

अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि लगातार दो आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा। पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सोमवार को दूसरी बार जांच की गई। मंगलवार को रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट अगर निगेटिव रही तो उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार चिकित्सक कोविड के लक्षणों से पूरी तरह से मुक्त नहीं हुए हैं। चिकित्सक की पत्नी ने भी इसकी पुष्टि की।

संक्रमित चिकित्सक ने बताया कि हाल के दिनों में उनके विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं रहा है। ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित होना उनके लिए भी आश्चर्यजनक है। वे ज्यादा बाहर भी नहीं जाते थे। ज्यादातर समय अस्पताल और घर में ही गुजरता था।

कोविड के लक्षण सामने आने के एक दिन पहले 20 नवबंर को वे एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल जरूर हुए थे। वे देर से पहुंचे थे और 9.30 बजे रात से 10.30 बजे रात तक ही वहां थे। किसी भी वायरस के संक्रमण के लक्षण संक्रमित होने के तीन से चार दिनों के बाद ही सामने आते हैं। अगर वे कॉन्फ्रेंस में संक्रमित हुए तब 24 घंटे के भीतर ही लक्षण का सामने आना अचरज में डालने वाली घटना है। लेकिन यह कोरोना का नया वैरिएंट है और कुछ भी संभव है।

उनका उपचार करने वाली चिकित्सक मधुमती आर. ने बताया कि बॉरिंग अस्पताल में भर्ती किए जाने से पहले चिकित्सक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी ले ली थी। संक्रमित होने या फिर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के पांच दिनों के भीतर यह थेरेपी ली जाए तो निश्चित रूप से फायदा होता है। वे आठवें दिन बॉरिंग में भर्ती हुए थे।

दरअसल कोविड के लक्षण सामने आने के बाद चिकित्सक खुद जांच के लिए आगे आए थे। वे तीन दिन होम आइसोलेशन और तीन दिन एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। 27 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज किया गया था।
जीनोम सीक्वेंसिंग में ओमाइक्रोन वैरिएंट की पुष्टि होने के बाद उन्हों दो दिसंबर को बॉरिंग अस्पताल में भर्ती किया गया था।