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स्कूल फीस में 25-30 फीसदी कटौती की सिफारिश कर सकता है डीपीआइ

डीपीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी माना कि कई स्कूल अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं जो सही नहीं है। विभाग वर्ग के अनुसार फीसों को भी सूचीबद्ध करेगा। इसके बाहर स्कूल फीस नहीं वसूल सकेंगे।

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स्कूल फीस में 25-30 फीसदी कटौती की सिफारिश कर सकता है डीपीआइ

स्कूल फीस में 25-30 फीसदी कटौती की सिफारिश कर सकता है डीपीआइ

बेंगलूरु. लोक शिक्षण विभाग (डीपीआइ) मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल फीस में 25-30 फीसदी कटौती ( DPI may recommend 25-30 percent cut in school fees) की सिफारिश कर सकता है। लंबे समय से फीस घटाने की मांग कर रहे हजारों अभिभावकों से कई ज्ञापन मिलने के बाद डीपीआइ इस दिशा में कदम बढ़ाने की सोच रहा है। डीपीआइ जल्द ही प्रदेश सरकार को अपनी सिफारिशों के साथ विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा। डीपीआइ के एक अधिकारी के अनुसार निर्णय सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा। फीस निर्धारण प्रदेश सरकार के दायरे में आता है।

अभिभावकों के अनुसार स्कूल संचालक हर उस सुविधा के लिए भी फीस वसूलने पर दबाव बना रहे हैं जिसका इस्तेमाल बच्चों ने किया ही नहीं है। अतिरिक्त शुल्क के भुगतान के नाम पर बच्चों और अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है।

डीपीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी माना कि कई स्कूल अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं जो सही नहीं है। विभाग वर्ग के अनुसार फीसों को भी सूचीबद्ध करेगा। इसके बाहर स्कूल फीस नहीं वसूल सकेंगे।

इस बीच प्रदेश बोर्ड के निजी स्कूलों के एक वर्ग ने फीस में 25 फीसदी की कटौती करने का फैसला किया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध कुछ स्कूलों ने भी कुछ अभिभावकों के लिए फीस माफ करने का फैसला किया है। कोरोना महामारी के कारण कई अभिभावक वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं। कइयों की नौकरी चली गई हो तो कईयों को वेतन कटौती का सामना करना पड़ रहा है।