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कर्नाटक के राज्यपाल ने एम विश्वेश्वरैया के दृष्टिकोण को पूरा करने की वकालत की

एफकेसीसीआई का संस्थापक दिवस कार्यक्रम आयोजित

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बेंगलूरु . कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सर एम विश्वेश्वरैया की परिवर्तनकारी विरासत पर जोर दिया और उन्हें भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरों में से एक बताया। उनके अमिट योगदान ने आधुनिक भारत को आकार दिया। विश्वेश्वरैया को देश के विकास पर उनके गहरे प्रभाव के लिए भारत के सर्वो‘च सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) द्वारा आयोजित संस्थापक दिवस कार्यक्रम और सर एम विश्वेश्वरैया पुरस्कार समारोह में विशिष्ट सभा को संबोधित करते हुए रा’यपाल गहलोत ने याद दिलाया कि कैसे भारत सरकार ने 1968 में विश्वेश्वरैया के महान योगदान का सम्मान करने के लिए इस दिन को इंजीनियर दिवस के रूप में नामित किया था। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, एफकेसीसीआई के अध्यक्ष गोपाल रेड्डी और वोल्वो समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कमल बाली मौजूद रहे।