राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि कर्नाटक अद्वितीय विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, जो सामाजिक समावेशिता, मजबूत बुनियादी ढांचे और एक संपन्न आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र से मजबूत है।
गुरुवार को बेंगलूरु मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित विजन 2030 कर्नाटक संगोष्ठी में राज्यपाल ने कहा कि कर्नाटक भारत की प्रगति में सबसे आगे है और देश की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पूंजी निवेश आकर्षित करने में देश में सबसे आगे कर्नाटक ने हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पूंजी जुटाई है।
उन्होंने कहा कि एक वैश्विक स्टार्टअप केंद्र के रूप में बेंगलूरु दुनिया भर में तीसरे सबसे अधिक संख्या में स्टार्टअप की मेजबानी करता है। यह देश में स्टार्टअप फंडिंग का 37 प्रतिशत है।
राज्यपाल ने कहा कि कर्नाटक वित्तीय कौशल, उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी में देश का नेतृत्व करता है। कपड़ा क्षेत्र रोजगार में एक जबरदस्त योगदानकर्ता के रूप में खड़ा है और देश के कपड़ा उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत बनाता है। कर्नाटक रेशम उत्पादन में अग्रणी है। कर्नाटक देश भर में कर संग्रह में दूसरा स्थान रखता है। इसके अलावा, राज्यपाल ने राज्य की प्रगति के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण की अनिवार्यता पर जोर दिया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. शालिनी रजनीश, बेंगलूरु मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष के.एस. नारायण स्वामी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।