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कर्नाटक अमीर मगर राज्य की जनता गरीब!

प्रति व्यक्ति औसत आय 2.1 लाख रुपए मगर 57 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचेकर अदायगी में आगे 10.93 लाख परिवार अंत्योदय

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कर्नाटक अमीर मगर राज्य की जनता गरीब!

बेंगलूरु.
अमीर राज्यों की सूची में कर्नाटक का स्थान देश में चौथा है जबकि प्रति व्यक्ति आय के पैमाने पर सातवां। राज्य में प्रति व्यक्ति सालाना औसत आय 2.1 लाख रुपए है।
भले ही इन आंकड़ों के आलोक में राज्य की एक खूबसूरत छवि उभरती है मगर हकीकत यह है कि कर्नाटक की 57 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। वहीं, 10.93 लाख परिवार ऐसे हैं जो अत्यंत गरीबी में जी रहे हैं। दरअसल, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा वितरित बीपीएल राशन कार्ड के आधार पर यह राज्य की यह छवि बनी है कि यहां 57 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। जबकि केंद्र सरकार को कर अदायगी के मामले में कर्नाटक का स्थान तीसरा है। इस आधार पर देखें तो राशन कार्ड के आधार पर बनी राज्य की छवि की वास्तविकता पर संदेह पैदा होता है।
असल में राज्य में प्रति व्यक्ति औसत आय में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। वर्ष 2015-16 के दौरान राज्य में प्रति व्यक्ति सालाना औसत आय 1.46 लाख रुपए औसत थी जो बढ़कर 2.10 लाख प्रति व्यक्ति हो चुकी है। इसके बावजूद यह घोषित किया गया है कि 57 फीसदी (लगभग 3.48 करोड़) लोगों की सालान औसत आय 1.20 लाख रुपए से कम है। इनमें से 10.93 लाख परिवार अंत्योदय योजना के लाभार्थी हैं और उन्होंने खुद को बहुत गरीब घोषित किया है। वर्ष 2016-17 के बाद 21 फीसदी अतिरिक्त आबादी ने खुद को गरीब घोषित किया है।
हालांकि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पाया है कि राशन कार्ड की वितरण प्रणाली में खामियों का लाभ उठाकर कई अयोग्य व्यक्ति भी इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। विभाग ने पाया है कि सालाना 300 करोड़ रुपए का राशन उन लोगों द्वारा उपभोग में लाया जा रहा है जो इसके पात्र नहीं हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि नकली राशन कार्ड धारकों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के गोपालय्या ने कहा है कि वैसे लोग जो बीपीएल राशन कार्ड की पात्रता नहीं रखते हैं अप्रेल तक वापस कर दें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो अधिकारी उनका पता लगाएंगे और उन्हें अभी तक दिए चावल पर 28 रुपए प्रति किलो की दर से जुर्माना लगाएंगे। विभाग का अनुमान है कि 10 से 15 फीसदी राशन कार्ड धारी लोगों ने गलत आय घोषित कर रखी है। अधिकारियों ने ई-केवाइसी प्रमाणन प्रणाली शुरू की है और राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। बेलगावी में सबसे अधिक 10.62 लाख राशन कार्ड धारी हैं जबकि मैसूरु दूसरे स्थान पर है जहां 6.56 लाख राशन कार्ड धारी है। तूमकुरु में 6.13 लाख राशन कार्ड धारी हैं और वह तीसरे स्थान पर है। अब तक 64 हजार लोगों ने अपने बीपीएल कार्ड वापस कर दिए हैं और उनसे 96 लाख रुपये उनसे वसूले गए हैं। यदि गरीब लोगों की वास्तविक संख्या का मालूम हो जाए तो बड़े पैमाने पर राजस्व की बचत होगी।