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खुले मेें शौच मुक्त 26वां राज्य बना कर्नाटक

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से पहले पूरा हुआ लक्ष्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने बनवाए 45 लाख शौचालय

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jaini

खुले मेें शौच मुक्त 26वां राज्य बना कर्नाटक

बेंगलूरु. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों ने खुले में शौच मुक्त होने का दर्जा हासिल कर लिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने कहा है कि इसके लिए 45 लाख से अधिक शौचालय निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है।

विभाग ने सोमवार को घोषणा की कि ग्रामीण क्षेत्र के 70.2 लाख परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय सुविधा प्रदान की गई है। इससे खुले में शौच अब पुरानी बात हो गई।

राज्य सरकार ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से एक साल पहले वर्ष 2018 में ही खुले में शौच से मुक्त राज्य होने का महात्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया था लेकिन साल भर पहले ही उसे पूरा कर लिया गया।

उपलब्धि हासिल करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'हालांकि, हमने राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के कई पहलू देखे हैं लेकिन एक स्वच्छ शौचालय की कमी थी।

पूर्व के आंकड़ों से पता चला कि ग्रामीण परिवारों में से केवल आधे या एक तिहाई परिवारों में ही व्यक्तिगत शौचालय थे। हमारे राज्य ने खुले में शौच से मुक्त होने का दर्जा हासिल कर लिया।Ó

मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार खुले में शौच से मुक्ति के लिए स्वच्छ भारत अभियान चल़ा रही है लेकिन कर्नाटक ऐसा राज्य है जिसने वास्तव में इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया और समय से पहले पूरा किया।

उप मुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने जब सर्वे कराया तो पता चला कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 70 लाख से अधिक परिवार रहते हैं लेकिन लगभग 25 लाख परिवारों के ही निजी शौचालय थे।

इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत थी और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने 45 लाख शौचालय का निर्माण कराकर वह कमी पूरी कर दी।

हालांकि, यह कार्यक्रम वर्ष 2013-14 में ही शुरू किया गया लेकिन वर्ष 2018 में इसपर पूरा जोर दिया गया ताकि यह महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से एक साल पहले पूरा किया जा सके।

राज्य के 30 जिलों के 176 तालुकों के 6022 ग्राम पंचायतों की ओर से ये 45 लाख शौचालय बनवाए गए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री कृष्ण बेरेगौड़ा ने कहा कि स्वच्छता मौलिक अधिकार है और उन्हें खुशी है कि इसे हासिल किया गया।

खुले मेें शौच से मुक्त होने वाला कर्नाटक देश का 26वां राज्य है।