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कर्नाटक : पुलिस ने 20 दिन में ब्लॉक किए 15 हजार से अधिक सिम कार्ड

- साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई

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cyber crime

सायबर अपराधियों का नया जाल...

अनीस निसार हमीद

पुलिस ने cyber criminals पर गहरा प्रहार करते हुए केवल 20 दिनों में 15 हजार से अधिक मोबाइल सिम कार्ड को ब्लॉक कर दिया है। हाल के दिनों में साइबर अपराध की वारदातें बढ़ने के कारण पुलिस ने इस पर अंकुश लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। अब किसी भी साइबर क्राइम के मामले में शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद सिम कार्ड को ब्लॉक कर दिया जाता है।

साइबर अपराधी रोजगार दिलाने, विवाह कराने और कई तरह के प्रलोभन देकर लोगों को कॉल करते हैं। ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के बाद साइबर अपराधियों की गतिवधियां भी बढ़ गई हैं। पुलिस को पता चला है कि एक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कई लोगों से धोखाधड़ी की जाती है। इसलिए अब सबसे पहले सिम कार्ड ही ब्लॉक किए जाते हैं। ब्लॉक होने पर धोखेबाज उस नंबर उपयोग दूसरे व्यक्ति को ठगी वाले कॉल या संदेश भेजने के लिए नहीं कर पाएंगे।

पुलिस थानों या कन्ट्रोल रूम में कॉल करने वाले नागरिकों के नंबर पुलिस दर्ज करती है। इस नंबर को साइबर इंसीडेंट रिप (सीआईआर) पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। वहां से संबंधित दूरसंचार सेवा कंपनियों को जानकारी भेजी जाती है। शीघ्र ही सिम कार्ड ब्लॉक हो जाता है। 6 अगस्त से सिम कार्ड ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अभी तक 15,545 सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। इसके लिए कमांड सेंटर के चार कर्मचारियों को चार पाली में 24 घंटे काम करना पड़ता है।

पुलिस ने दक्षिण पूर्व संभाग में 705, उत्तर पूर्व संभाग में 1,325 वाइटफील्ड संभाग में 1,184 मध्य क्षेत्र में 436, पूर्व संभाग में 1,969, पश्चिम में 763, दक्षिण में 907 उत्तर में 1.038 और कोरमंगला सेंटर में 7,218 कुल 15,545 सिम कार्ड ब्लॉक किए गए।

दूसरे राज्यों में सक्रिय थे अधिकांश नंबर

नगर पुलिस आयुक्त बी. दयानंद ने कहा कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्डों को ट्रैक करने के लिए हाल ही में लॉन्च किया गया सरकारी पोर्टल ऐसे सिम कार्डों को सफलतापूर्वक ब्लॉक करने में काम आया है। उन्होंने कहा कि जालसाजों ने फर्जी पहचान दस्तावेजों और नो योर कस्टमर (केवाईसी) फॉर्म में खामियों के जरिए ये कनेक्शन हासिल किए हैं। पुलिस ने इन खामियों की पहचान कर ली है और अपराधों को कम करने के लिए इन मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रही है। ब्लॉक किए सिम कार्डों में से अधिकांश दूसरे राज्यों में सक्रिय पाए गए और राज्य में भोले-भाले लोगों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। इन्हें ब्लॉक करने से साइबर अपराधों में कमी आएगी।

तेज करेंगे अभियान

यह एक सतत अभियान है और जब भी हम ऐसे संदिग्ध नंबरों की पहचान करेंगे, हम इन सिम कार्डों को ब्लॉक कर देंगे। इसमें तेजी लाएंगे। लोगों को इस तरह के मामलों की जानकारी पुलिस को तत्काल देनी चाहिए ताकि कार्रवाई हो सके।

- बी. दयानंद, नगर पुलिस आयुक्त