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एनटीसीए की बाघ गणना : कर्नाटक 563 बाघों के साथ दूसरे स्थान पर

रिपोर्ट के अनुसार नागरहोले राज्य में सबसे अधिक बाघों की आबादी वाला टाइगर रिजर्व था। लेकिन एनटीसीए की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में बंडीपुर टाइगर रिजर्व ने अपना शीर्ष स्थान फिर से हासिल कर लिया है।

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कर्नाटक : प्रोजेक्ट बाघ और प्रोजेक्ट हाथी का विलय वापस ले केंद्र सरकार

बेंगलूरु. देश में बाघों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी कर्नाटक में है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 563 बाघ हैं। देश में सबसे ज्यादा 785 बाघ मध्य प्रदेश में हैं। आंकड़ों के अनुसार 2006 में बाघों की गिनती शुरू होने के बाद से राज्य में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।
साल 2018 की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक में 524 और मध्य प्रदेश में 526 बाघ थे, लेकिन अंतरिम नतीजों में कर्नाटक में बाघों की संख्या में महज 37 बाघों की मामूली वृद्धि हुई, जबकि मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 259 बढ़ गई है। पूरे देश में बाघों की कुल संख्या 3,167 से 3,925 के बीच करीब 3,682 आंकी गई है।
वन विभाग को बता रहे दोषी
वन्यजीव कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने संख्या में मामूली वृद्धि के लिए राज्य में वन विभाग को दोषी ठहराया है, लेकिन बाघों की संख्या में बढ़ोतरी की दर में गिरावट एनटीसीए की बाघ स्थिति 2022 में परिलक्षित हुई, जिसे इस वर्ष अप्रैल में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मैसूरु में आयोजित विशेष कार्यक्रम में जारी किया गया था। कर्नाटक में 2006 में 290, साल 2010 में 300, साल 2014 में 406 और साल 2018 की गणना अभ्यास में 524 बाघ मिले थे।
राज्य का आंकलन कुछ और
इस बीच, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि शावकों को ध्यान में नहीं रखा गया है और चूंकि उनकी संख्या अधिक है, इसलिए कर्नाटक की कुल बाघ आबादी अधिक होगी। कर्नाटक वन विभाग ने कुछ दिन पहले इसी आधार पर अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बाघों की न्यूनतम अनुमानित आबादी 435 आंकी गई थी। अधिकारी ने कहा कि यह संख्या कैमरा ट्रैप छवियों के आधार पर न्यूनतम अनुमान थी। एनटीसीए द्वारा जारी 563 बाघों का आंकड़ा विभिन्न सांख्यिकीय मॉडल के विश्लेषण पर आधारित है।
बंडीपुर फिर टॉप पर
कुछ दिन पहले जारी वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नागरहोले राज्य में सबसे अधिक बाघों की आबादी वाला टाइगर रिजर्व था। लेकिन एनटीसीए की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में बंडीपुर टाइगर रिजर्व ने अपना शीर्ष स्थान फिर से हासिल कर लिया है। यह उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बाद देश के किसी भी रिजर्व में बाघों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है।
कुल 5 रिजर्व में रहते हैं बाघ
राज्य की रिपोर्ट में बंडीपुर में बाघों की न्यूनतम संख्या 140 आंकी गई थी, लेकिन एनटीसीए की रिपोर्ट में, बाघ अभयारण्य के भीतर बाघों की संख्या 150 आंकी गई है, जबकि नागरहोले में यह 141 है। हालांकि, बंडीपुर रिजर्व का उपयोग करने वाले बाघ, जिनमें आसपास के जंगलों से पलायन करने वाले बाघ भी शामिल हैं - उन सबकी संख्या 191 आंकी गई है, जबकि नागरहोले के लिए यह 185 है। एनटीसीए की रिपोर्ट के अनुसार बाघों की आबादी वाले अन्य अभयारण्यों में भद्रा (28), बीआरटी (37) और काली (14) शामिल हैं।