शहरी जिले के करीब स्थित चिकबल्लापुर जिले में मच्छरों में Zika virus का पता चलने के बाद, स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है। यह वायरस जिले के सिद्लघट्टा तालुक के तलकायालबेट्टा गांव में मच्छरों में पाया गया है। गांव के पांच किलोमीटर के दायरे में अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों से जांच के लिए आगे आने की अपील की है, जिन्हें बीते तीन दिनों से तेज बुखार है। इस वायरस के संक्रमण के लक्षण डेंगू से काफी मिलते हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश एस. एस. ने बताया कि राज्य के 68 अलग-अलग स्थानों पर मच्छरों के शरीर में जीका वायरस की मौजूदगी का नियमित परीक्षण किया गया था। इसी तरह, चिकबल्लापुर जिले के छह स्थानों से नमूने लिए गए थे। मच्छरों में वायरस मिलने के बाद 30 गर्भवती महिलाओं और बुखार के लक्षणों वाले करीब सात लोगों के रक्त के नमूने एकत्र किए हैं और उन्हें परीक्षण के लिए बेंगलूरु भेजा है। क्षेत्र के लगभग 5,000 लोगों पर कड़ी निगरानी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि फिलहाल जीका का कोई मानवीय मामला सामने नहीं आया है। घबराने की कोई बात नहीं हैं। जीका के लक्षण वाले मरीजों को जांचा जा रहा है। अगस्त में नमूने जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए थे। करीब 10 दिन पहले रिपोर्ट आई। एक मच्छर में जीका वायरस की पुष्टि हुई है।
यह नियमित मच्छर परीक्षण का एक हिस्सा था। सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक लक्षण वाले तीन लोगों को भर्ती किया गया।
एक को छुट्टी दे दी गई है। तीनों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जीका निपाह की तरह घातक नहीं है। लक्षण हल्के होते हैं। इलाज उपलब्ध है। गर्भवती महिलाओं को लेकर चिंता है क्योंकि कभी-कभी यह गर्भस्थ शिशुओं तक भी पहुंच सकता है। हम एहतियाती कदम उठा रहे हैं।