9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कित्तूर को पर्यटक क्षेत्र का दर्जा

कित्तूर रानी चेन्नम्मा जयंती

2 min read
Google source verification
jainism

कित्तूर को पर्यटक क्षेत्र का दर्जा

बेंगलूरु. सूचना एवं सार्वजनिक संपर्क विभाग के निदेशक एन.आर. विशुकुमार ने कहा कि बेलगावी जिले के कित्तूर को पर्यटक क्षेत्र का दर्जा देने के लिए विशेष अनुदान जारी होगा। उन्होंने मंगलवार को कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग की ओर से रवीन्द्र कलाक्षेत्र में आयोजित कित्तूर रानी चेन्नम्मा जयंती उत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि कित्तूर एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, फिर भी इसका समुचित विकास नहीं हुआ।

यहां रानी चेन्नम्मा की समाधि, किला, महल और अन्य कई ऐतिहासिक स्थल हैं। पर्यटकों को सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण वे सभी ऐतिाहासिक क्षेत्र को देखे बगैर लौट जाते हैं। समाधि के चारों तरफ निर्मित दीवार खस्ताहाल है, जिससे समाधि की सही तरीके से रक्षा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि रानी चेन्नमा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

रानी चेन्नम्मा ने आक्रांतों के खिलाफ युद्ध कर अपने प्राण की अहूतिदी थी। रानी चेन्नम्मा के कारनामों को केवल प्रदेश के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इसे केंद्र के पाठ्यक्रमों में भी शामिल करने की जरूरत है।

रानी चेन्नमा की तलवार, पोशाक और कई चीजें लन्दन के वस्तु संग्राहलय में हैं। उन्हें कर्नाटक लाने की जरूरत है। इस विषय में केन्द्र सरकार को आवश्यक कदम उठाना होगा। कूडलसंगम लिंगायत पंचमासाली जगद्गुरु जयबसवा मृृत्युंजय स्वामी, साहित्यकार डॉ. शारदा मल्लूर, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग के निदेशक बसवराज हूगार और विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

---
बिना मुसीबत के लक्ष्य प्राप्ति संभव नहीं
चामराजनगर. गुंंडलपेट स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा कि अपने जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को मुसीबतों का सामना करना ही पड़ता है, इसके बिना लक्ष्य प्राप्ति न संभव है, ना ही सुलभ।

उन्होंने कहा कि संसार परीक्षा केंद्र है। यहां परीक्षा देकर ही व्यक्ति फेल या पास होता है। बिना परीक्षा दिए यह कैसे निर्णय किया जा सकता है कि वह पास होगा या नहीं। परीक्षा से घबराकर विद्यार्थी पढ़े ही नहीं तो वह कभी डिग्री प्राप्त नहीं कर सकता है। किसी भी डिग्री को पाने के लिए पढऩा जरुरी है और पढ़ाई का परिणाम परीक्षा से ही ज्ञात होता है।