16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ज्ञान कभी मनुष्य का साथ नहीं छोड़ता: साध्वी भव्यगुणाश्री

गुरु राजेंद्र भवन, किलारी रोड में प्रवचन

less than 1 minute read
Google source verification
bhavagudaa.jpg

बेंगलूरु. सीमंधर स्वामी राजेंद्र सूरी संघ, मामूलपेट के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास में गुरु राजेंद्र भवन, किलारी रोड में विराजित साध्वी भव्यगुणाश्री ने ज्ञान पंचमी की आराधना के अवसर पर कहा किज्ञान ही एक मात्रा ऐसा अक्षय तत्व है, जो कहीं भी, कभी भी, किसी भी अवस्था में और किसी भी काल में मनुष्य का साथ नहीं छोड़ता।

साध्वी शीतलगुणाश्री ने कहा कि विनम्रता अथवा सहनशीलता ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सामर्थ्य है। सामर्थ्य का अर्थ यह नहीं कि आप दूसरों को कितना झुका सकते हो अपितु यह है कि आप स्वयं कितना झुक सकते हो। नि: संदेह सामर्थ्य के साथ विनम्रता का आ जाना ही तो जीवन की महानता है। क्योंकि जहां समर्थता होती है,वहां प्रायः विनम्रता का अभाव ही देखा जाता है।

इस अवसर पर मेघराज भंसाली, मांगीलाल वेदमुथा, नेमीचंद वेदमुथा,हेमराज मोदी,कांतिलाल गांधी मुथा, बाबूलाल छत्रगोता आदि उपस्थित रहे।इस मौके पर सामूहिक श्रुत ज्ञान आराधना की गई।