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कोप्पल को मिला पहला वन्यजीव अभयारण्य

बांकापुरा भेडिय़ा वन्यजीव अभयारण्य अधिसूचित

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बेंगलूरु. राज्य सरकार ने कोप्पल जिले में बांकापुरा भेडिय़ा वन्यजीव अभयारण्य को अधिसूचित किया है। यह मुख्य रूप से भारतीय भूरे भेडिय़े को संरक्षण और सुरक्षित पर्यावास देने के लिए बनाया गया है।

जिले के कोप्पल और गंगावती तालुक में 332.68 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य में कई वन्यजीवों का प्राकृतिक वास है। इनमें मुख्य रूप से भारतीय भेडिय़े, गीदड़, धारीदार लकड़बग्घे, सियार और लोमड़ी आदि शामिल हैं लेकिन, भारतीय भेडिय़े सबसे बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

जैविक दबाव और प्राकृतिक कारणों से पूरे देश में भेडिय़ों के आवास तेजी से घट रहे हैं। राज्य के उत्तरी क्षेत्र को छोड़ कर अधिकांश भागों से भेडिय़े लुप्तप्राय हो चुके हैं।

मेलकोट क्षेत्र को देश में भेडिय़ों के लिए पहला संरक्षित क्षेत्र कहा जाता है। मेलकोट भेडिय़ा अभयारण्य कथित तौर पर मैसूर के महाराजाओं द्वारा स्थापित किया गया था। हालाँकि एक दशक से अधिक समय से इस क्षेत्र में भेडिय़ों की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं है।

इस क्षेत्र में पानी की कमी को झुंडों के जबरन प्रवास के संभावित कारण के रूप में बताया गया है। इसके बाद, भेडिय़ों के दो झुंड इस क्षेत्र में स्थानांतरित किए गए।

वन अधिकारियों के अनुसार बांकापुर, मल्लापुर और सुलेकल गांव के भीतर आने वाले जंगल में चट्टानी पहाड़ी और कंटीली वनस्पति शामिल हैं। भारतीय भूरे भेडिय़े डेक्कन के पठार में शुष्क घास के मैदान में रहते हैं और काले हिरण व अन्य शाकाहारी जानवरों का शिकार करते हैं।