
आरटीपीएस को छोड़ा कृष्णा नदी का पानी
जल संकट के कारण दो दिन से बंद थी २१० मेगावॉट की इकाई
रायचूर. जलसंकट का सामना कर रहे रायचूर थर्मल पावर स्टेशन (आरटीएस) को बड़ी राहत देते हुए कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड (केबीजेएनएल) ने नारायणपुर में बसवसागर जलाशय से आरटीएस को एक टीएमसी फीट पानी छोड़ा गया है। पानी की कमी के कारण संयंत्र में बिजली उत्पादन प्रभावित होने की समस्या गहरा गई थी।
केबीजेएनएल बांध मंडल के कार्यकारी अभियंता शंकर एच नायकोडी ने कहा कि आरटीपीएस के अनुरोध गुरुवार को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी की कमी के कारण 210 मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली एक इकाई को पिछले दो दिनों से बंद कर दिया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि कृष्णा नदी में अपर्याप्त जल प्रवाह ने आरटीपीएस प्रबंधन को पानी को भंडारित करने के नए तरीके खोजने के लिए मजबूर कर दिया है।
आरटीपीएस की आठ इकाइयों में 1,720 मेगावॉट की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता है। इसके लिए प्रति माह 2.24 लाख क्यूबिक मीटर (100 क्यूसेक) पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वर्तमान में पानी की उपलब्धता घटकर 2,000 क्यूबिक मीटर तक आ गई है।
नदी तट से दूर रहने की चेतावनी
इस बीच केबीजेएनएल के अधिकारियों ने कृष्णा नदी के तट पर लोगों को नदी में न घुसने और मवेशियों को नहीं चराने की चेतावनी दी है, क्योंकि पानी छोड़े जाने से नदी का जलप्रवाह बढ़ गया है।
वहीं बेंगलूरु से अधिकारियों की एक टीम ने बुधवार को शक्तिनगर में आरटीपीएस का दौरा किया और उस ट्रांसफार्मर का निरीक्षण किया, जिसमें १ जनवरी को आग लग गई थी। आग से पांच करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ है।
Published on:
04 Jan 2019 05:31 pm
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