उन्होंने कहा, राज्य Karnataka में लगभग 11,900 हेक्टेयर डीम्ड फॉरेस्ट Deemed Forest भूमि है। वर्ष 2022 में तत्कालीन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को 3.30 लाख एकड़ डीम्ड फॉरेस्ट होने की जानकारी दी थी। लेकिन इसमें स्कूल, राजस्व भूमि, निजी जमीन और सडक़ें भी शामिल हो जाने से आम जनता को परेशानी हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। यदि आबादी वाले क्षेत्र वन भूमि के दायरे में आते हैं, तो उसके बदले समान क्षेत्रफल की वैकल्पिक भूमि वन विभाग को दी जाएगी।