
बेंगलूरु. देश में पहली बार किसानों को सिंचाई तथा बिजली उत्पादन का अवसर प्रदान करने वाली ‘सूर्य किसान’ योजना का शुभारंभ शुक्रवार को रामनगर जिले की कनकपुर तहसील के हारोबेले गांव में किया गया।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री एच के पाटिल ने कहा कि यह योजना सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को अबाधित बिजली आपूर्ति के साथ ही मासिक आय भी होगी और किसानों को दोहरा फायदा मिलेगा। पन बिजली उत्पादन लगातार घटते जा रहा है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में किसानों को सिंचाई के लिए मांग की अनुपात में बिजली की आपूर्ति करना मुश्किल होगा। इसलिए गैरपरंपरागत स्रोतों से बिजली का उत्पादन ही एक मात्र विकल्प है।
हारोबेले में प्रायोगिक तौर पर लागू
ऊर्जा मंत्री डी.के.शिवकुमार ने कहा कि राज्य में इस योजना को सबसे पहले प्रायोगिक तौर पर कनकपुर तहसील के हारोबेले गांव में लागू किया जा रहा है। इसके लिए ‘हारोबेले सूर्य ? रैयत कृषि बिजली उपभोक्ता सहकारिता संघ’ की स्थापना की गई है।इस संघ के माध्यम से यहां 250 सोलर पंपसैट स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां 11 केवी एफ-2 फीडर से सहकारिता संघ के 310 सदस्य किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को राज्य सरकार 90 फीसदी सब्सिडी देगी।
इस अवसर पर उपस्थित बेस्कॉम के प्रबंध निदेशक राजेंद्र चोलन ने कहा कि इस योजना के कारण राज्य सरकार को सिंचाई पंपसेट के लिए सब्सिडी पर खर्च हो रहे करोड़ों रुपए की बचत होगी और बिजली का उत्पादन बढ़ेगा। इससे बिजली वितरण कंपनियों की आय बढ़ेगी। दूसरे शब्दों में राज्य सरकार, किसान तथा बिजली वितरण कंपनियां तीनों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही गर्मियों में भी बेंगलूरू शहर को प्रति दिन 2500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
बिजली बेच भी सकेंगे किसान
उन्होंने कहा कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी तहसीलों में लागू किया जाएगा। इससे बिजली वितरण कंपनियां तथा किसानों दोनों को लाभ होगा। इसके लिए किसानों के सहकारिता संघ की स्थापना की जाएगी। बिजली वितरण कंपनियां ऋण लेकर खेतों में सौर प्लांट स्थापित करेंगी।
खेत मालिक किसान तथा बिजली वितरण कंपनियों के बीच 25 वर्ष का समझौता होगा। पहले 9 वर्ष किसानों से 1 यूनिट बिजली 1 रुपए 20 पैसे से खरीदी जाएगी। इससे किसान को अबाधित बिजली की आपूर्ति के साथ-साथ प्रति माह 1000 से 1200 रुपए तक आय होगी। बाकी की राशि का उपयोग ऋण के भुगतान के लिए किया जाएगा। 9 वर्ष बाद किसान से 11 रुपए प्रति यूनिट के भाव से बिजली खरीदी जाएगी। इससे किसानों की आय में कई गुणा वृद्धि होगी।
Published on:
20 Jan 2018 09:37 pm
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