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कॉमनसेन्स क्या होता है इसे सीखें

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने गृहमंत्री एमबी पाटील पर बरसते हुए कहा कि हमारे अंदर कॉमनसेन्स नहीं है तो वही मुझे सिखाएं।

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कॉमनसेन्स क्या होता है इसे सीखें

कॉमनसेन्स क्या होता है इसे सीखें

बेलगावी/हुब्बल्ली. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने गृहमंत्री एमबी पाटील पर बरसते हुए कहा कि हमारे अंदर कॉमनसेन्स नहीं है तो वही मुझे सिखाएं। कॉमनसेन्स क्या होता है इसकी जानकारी वे दें, वे चाहें तो अपना शिक्षक बना लूंगा। बेलगावी जिले के चिक्कोडी में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में येड्डियूरप्पा गृह मंत्री एमबी पाटील की ओर से येड्डियूरप्पा को कॉमनसेन्स नहीं है कह कर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।


येड्डियूरप्पा ने कहा कि एमबी पाटील के बयान के तहत मुझ में कॉमनसेन्स नहीं है परन्तु वही मुझे कॉमनसेन्स क्या है इसे बता दें। उन्हीं से सीखने की कोशिश करूंगा। वही मुझे कॉमनसेन्स सिखाने के शिक्षक बनें। चाहे तो उन्हें शिक्षक के तौर पर नियुक्त कर लूंगा। कॉमनसेन्स क्या है इसको पढ़ाएं। उनसे मुझे बहुत कुछ सीखना है।


गौरतलब है कि गृहमंत्री पाटील ने बेलगावी में बयान दिया था कि येड्डियूरप्पा तथा ईश्वरप्पा को थोड़ा सा भी कॉमनसेन्स नहीं है। पुलवामा हमले के बाद येड्डियूरप्पा ने 22 सीटों को जीतने के बारे में बयान देने के जरिए शहीद सैनिकों की मृत्यु को भी अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर अपने विवेक को साबित किया है। येड्डियूरप्पा तथा ईश्वरप्पा मनचाहे बयान देकर जनता के आक्रोश तथा मजाक का शिकार हो रहे हैं। उन्हें ही पहले कॉमनसेन्स नहीं है ऐसे में राहुल गांधी के कॉमनसेन्स के बारे में सवाल करना कहां तक सही है।

ईष्र्या का कोई इलाज नहीं
कलबुर्गी/हुब्बल्ली. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि कोई भी बीमारी हो उसका इलाज तलाश सकते हैं परन्तु ईष्र्या की बीमारी का ना पहले इलाज था और ना आगे है। खरगे ने यह बयान अपनी ही पार्टी के लोगों के लिए दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं के कहने पर उनका पुत्र प्रियांक खरगे राजनीति में आया है।

हर बात के लिए उनके पुत्र को जिम्मेदार ठहराना कहां तक सही है। वे लोकसभा में गए तो उनके पुत्र को राजनीति में भेजने का दबाव आया, उन्होंने पहले इनकार किया तो भाजपा के खिलाफ क्या डर गए कह कर पूछा था इसलिए पुत्र राजनीति में आया। पिछले चुनाव में चित्तापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की कड़ी चुनौती के बीच वाल्मीकि नेता को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से हरा कर प्रियांक खरगे ने जीत हासिल की।

पुत्र जीत हासिल कर मंत्री बनने के बाद अब हमारे अपने उसके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। पिछले विधानसभा क्षेत्र के बाद कलबुर्गी की राजनीति में बहुत सारी परिवर्तन हुआ है। उनके पुत्र पर ईष्र्या करने वालों की संख्या बढ़ रही है। सभी घटनाक्रमों के लिए उनके पुत्र को जिम्मेदार किया जा रहा है।


जद (ध) नेता मंत्री रेवण्णा के सुमलता अंबरीश को लेकर दिए गए बयान पर अप्रत्यक्ष तौर पर नाराजगी जताते हुए खरगे ने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार सत्ता में है और आम चुनाव सर पर हैं। जनप्रतिनिधियों को बयान देते समय बहुत सतर्क रहना चाहिए।