
विधायकों,पूर्व विधायकों सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पर ही मिलेगा भुगतान
बेंगलूरु. राज्य में अब विधायकों, पूर्व विधायकों और उनके परिजनों को सरकार से चिकित्सा खर्च की भरपाई पाने के लिए सरकारी अस्पताल में ही उपचार कराने पड़ेगा। नए नियमों के मुताबिक निजी अस्पतालों में इलाज के खर्च का भुगतान नहीं किया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय ने इस बारें में विधायकों व बाकी संबंधित पक्षों को अधिसूचना भेज दी है। हालांकि, हृदय घात या हादसे जैसी आपात स्थिति में यह नियम लागू नहीं होगा। सामान्य स्थितियों में विधायकों, पूर्व विधायकों व उनके परिजनों को सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा सुविधा का लाभ लेना होगा।
बताया जाता है कि विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार के निर्देश पर विधानसभा सचिव एस. मूर्ति ने यह अधिसूचना जारी की है। कहा जा रहा है कि इससे सरकार को हर साल करोड़ोंं रुपए की बचत होगी।
नए नियमों के मुताबिक अगर सरकारी चिकित्सक लिखित तौर पर किसी निजी अस्पताल में उपचार के लिए रेफर करेंगे तभी निजी अस्पतालों के खर्च के भुगतान पर विचार किया जाएगा। बताया जाता है कि सरकार के खर्च में कटौती और सरकार अस्पतालों की स्थिति सुधारने की कवायद के अध्यक्ष ने यह निर्णय लिया है।
अब तक विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ ही उनके परिजन निजी अस्पतालों में नियमित स्वास्थ्य जांच व उपचार कराते थे और इस सरकार हर साल करोड़ रुपए खर्च करती थी। रमेश कुमार ने पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भी लोकसेवकों के लिए चिकित्सा खर्च की भरपाई के बजाय सरकारी अस्पताल में उपचार अनिवार्य करने की पहल की थी लेकिन सरकारी कर्मचारियों व विधायकों के विरोध के कारण तब सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे। बताया जाता है कि सरकार हर साल चिकित्सा खर्च के भुगतान पर 200 से 300 करोड़ रुपए खर्च करती है।
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महापौर व उपमहापौर के चुनाव : विधायकों व सांसदों को मतदान का हक
बेंगलूरु. उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया है कि विधान सभा, परिषद और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका क्षेत्र के महापौर व उपमहापौर के चुनाव में मतदान करने का अधिकार है। जस्टिस रंजन गोगोई, आर बन्नूरमठ और नवीन सिन्हा की पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता टी जे अब्राह्म ेकी विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसे मामले में दखल देने के लिए कोई तथ्य प्रतीत नहीं हो रहा है। इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी 11 सितम्बर 2015 के चुनाव को अवैध ठहराने की मांग करने वाली अब्राह्म की याचिका खारिज कर दी थी।
Published on:
20 Jul 2018 06:45 pm
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