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जैसे बीज बोओगे वैसा ही फल पाओगे

उपाध्याय प्रवीण ऋषि ने शनिवार को फ्रेजर टाउन जैन स्थानक में धर्मसभा में प्रवचन में कहा कि बीज शुद्ध हो तो फल भी शुद्ध होता है। जैसे मां बाप होंगे वैसी ही संतान होगी।

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जैसे बीज बोओगे वैसा ही फल पाओगे

जैसे बीज बोओगे वैसा ही फल पाओगे

बेंगलूरु. उपाध्याय प्रवीण ऋषि ने शनिवार को फ्रेजर टाउन जैन स्थानक में धर्मसभा में प्रवचन में कहा कि बीज शुद्ध हो तो फल भी शुद्ध होता है। जैसे मां बाप होंगे वैसी ही संतान होगी। मां-बाप सौभाग्यशाली तो बच्चा भी सौभाग्यशाली। मां-बाप का चरित्र, संस्कार बच्चे में अनचाहे आ जाते हंै। प्रकृति का नियम है, जैसा बीज वैसा फल। मनुष्य जैसे कर्म करेगा, उसे उसका वैसा ही फल मिलेगा, अर्थात जैसे बीज बोओगे वैसा ही फल पाओगे। यदि मनुष्य अच्छी सोच के बीज बोएगा तो अच्छा फल मिलेगा। अगर बुरी सोच के बीच बोएगा तो बबूल ही मिलेगा।


जैसा बीज वैसा ही फल आने वाला है तो अपने कर्म-बीजों के प्रति सजग रहना होगा। न शरीर का कर्म फल देता है, न वाणी का कर्म, मन का कर्म ही फल देता है। अनुभूतियों के स्तर पर जानकर मानना होगा कि जैसी चित्त की चेतना होती है,वैसा ही फल आता है। मां-बाप अगर देव हो गए तो बच्चे अवश्य ही देव पुत्र होंगे। हम अपने बच्चों में संस्कार का जैसा बीज बोएंगे, भविष्य में हम अपने बच्चों से वैसा ही फल प्राप्त करेंगे।


मां-बाप का कर्तव्य है कि बच्चों को ऐसी पोषक व सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, जिससे उन्हें यह लगे कि वे एक स्वतंत्र, कामयाब एवं आत्मविश्वासी इंसान में विकसित हो सकते हैं। उपाध्याय प्रवीण ऋषि का कल का प्रवचन कम्मनहल्ली स्थानक में प्रात: 9.15 बजे से रहेगा।

सम्मेतशिखर यात्रा की तैयारियां जोरों पर
बेंगलूरु. अखिल भारतीय जैन मंच बेंगलूरु की ओर से आयोजित २० दिवसीय तीर्थ यात्रा संघ की तैयारियों के लिए यहां से गए पदाधिकारियों ने विभिन्न शहरों में यात्रियों के ठहरने के लिए व्यवस्था की है। इनमें बेंगलूरु से मंच के अध्यक्ष देवीलाल सुखलेचा, सुमेरमल जैन, मंत्री गौतमचंद दक, धीरज कुमार दक, मुम्बई से मेहुल भाई, अहमदाबाद से गौतम भाई तथा उदयपुर से डॉ. पुखराज सुखलेचा ने पावापुरी, राजगृही, सम्मेतशिखर, वैष्णोदेवी, अमृतसर, हस्तिनापुर, मांडवला, नाकोड़ाजी, गिरनार, शंखेश्वर, पालीतणा आदि तीर्थों में ११०० यात्रियों के आवास की व्यवस्था की है। तीर्थ यात्रा ६ दिसम्बर को बेंगलूरु से शुरू होगी और २५ दिसम्बर को बेंगलूरु में पूरी होगी।