15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निजी साहूकारों से लिए कर्ज की ऋण मुक्ति योजना शीघ्र लागू होगी : सीएम

इस योजना को लागू करने का कार्य चंद दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

2 min read
Google source verification
note

निजी साहूकारों से लिए कर्ज की ऋण मुक्ति योजना शीघ्र लागू होगी : सीएम

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि कमजोर वर्ग के लोगों का निजी साहूकारों से लिया ऋण माफ करने की योजना शीघ्र ही लागू की जाएंगी। मंड्या जिले में शुक्रवार को पार्टी के उम्मीदवार शिवरामे गौड़ा के पक्ष में मलवल्ली में चुनाव सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने का कार्य चंद दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

1 नवंबर से वरिष्ठ नागरिकों को मासिक 600 रुपए के बजाय 1 हजार रुपए पेंशन मिलेगी। बजट में घोषित की गई इस योजना का लाभ अगले माह से मिलने लगेगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने हरेक जिले में एक लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के कार्यक्रम को लागू करने की पहल की है। बिजली की कटौती की खबरों से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि इस बारे में गलत अफवाहें फैलाई जा रहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार के जन हितकारी कार्यक्रमों के बारे में भाजपा सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार कर रही है। 12 साल पहले जब गठबंधन सरकार सत्ता में थी तब भी इतना दुष्प्रचार नहीं किया जा रहा था जितना अब किया जा रहा है।

इस दौरान मस्जिद से अजान सुनाई देने पर मुख्यमंत्री ने अपना भाषण रोक दिया। इसके बाद उन्होंने भाषण के बीच ही एक महिला फरियादी की अर्जी स्वीकार की और उसे राहत पहुंचाने का आश्वासन दिया।

----

परमेश्वर के खिलाफ मामला दर्ज
बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डॉ जी. परमेश्वर के खिलाफ भाजपा की शिकायत पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक परमेश्वर ने जमंखडी विधानसभा क्षेत्र के सावलगी में प्रचार सभा में मतदाताओं को कांग्रेस को वोट देने पर गांव की संपर्क सड़कों का डामरीकरण करने का वादा किया ।

उधर, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के पूर्व मंत्री ए.रामदास के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए चुनाव अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि एक संगीत कार्यक्रम के बहाने समारोह में उपस्थित लोगों को रामदास ने पैसे बांटे हैं।