
जद-एस के लिए अग्निपरीक्षा साबित होगा लोस चुनाव
बेंगलूरु. आंदोलन और धरना प्रदर्शन के लिए मशहूर मंड्या के ऐतिहासिक संजय सर्कल पर आजकल दो बातें चर्चा में है। एक, भीषण सूखे से खेतों में खड़ी गन्ने की फसल के खराब होने की चिंता, दूसरी मंड्या लोकसभा सीट पर हैवीवेट पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनकी पार्टी जद-एस के भविष्य पर।
चीनी के कटोरे के उपनाम से मशहूर मंड्या की राजनीति कावेरी नदी और वोक्कालिगा अस्मिता से तय होती रही है। भाजपा वोक्कालिगा अस्मिता को हिंदुत्व के आवरण में ढंककर यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती रही है। विधानसभा चुनावों के दौरान कथित तौर पर दो वोक्कालिगा लड़ाकों द्वारा टीपू सुल्तान की हत्या का मुद्दा उठाया गया तो, हाल ही में केरागोडू में 108 फीट ऊंचे हनुमान ध्वज हटाने को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान एचडी कुमारस्वामी के भगवा अंगवस्त्र पहनने की खूब चर्चा हुई। हालांकि, भाजपा को अभी तक वह सफलता नहीं मिली है, जिसकी उसे उम्मीद रही है।
दूसरी तरफ, पिछले लोकसभा चुनावों में सुमलता अंबरीश के हाथों निखिल कुमारस्वामी की हार के बाद, विधानसभा चुनावों में मंड्या की 8 में से 7 सीटें कांग्रेस ने जीत ली। अपने ही गढ़ में सिर्फ एक सीट पर सिमटने के बाद जद-एस ने डूबती नैया को पार लगाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाया। अब भाजपा को भी यहां पांव जमाने का मौका मिल गया है। भाजपा ने यह सीट जद-एस के लिए छोड़ दी और सुमलता अंबरीश को चुनावी मैदान से हटाकर कुमारस्वामी का रास्ता भी साफ कर दिया। लेकिन, मंड्या की चुनावी राजनीति अत्यंत परिवर्तनशील है। कुमारस्वामी की जीत से उनकी पार्टी को संजीवनी मिलेगी लेकिन, हार से अस्तित्व पर खतरा पैदा होगा। टक्कर कांग्रेस के धनाढ्य प्रत्याशी वेंकटरमण गौड़ा उर्फ चंद्रू स्टार से है।
सीएम की साख का सवाल
ओल्ड मैसूरु के चार लोकसभा सीटों मंड्या, मैसूरु, हासन और चामराजनगर में दूसरे हैवीवेट मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या का भविष्य दांव पर है। चामराजनगर के वरुणा विधानसभा क्षेत्र से जीतकर दूसरी बार मुख्यमंत्री बने सिद्धरामय्या ने खुद कहा है कि, यहां की जीत-हार उनका भविष्य तय करेगी। चामराजनगर में दो नए चेहरे भाजपा के एस.बलराज और कांग्रेस के समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा के बेटे सुनील बोस आमने-सामने हैं।
राजा बनाम आम आदमी
मैसूरु में तीसरे हैवीवेट और शाही वंशज यदुवीर कृष्णराज वाडियार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां कांग्रेस ने एम.लक्ष्मण को उम्मीदवार बनाया है और राजा बनाम आम आदमी का नैरेटिव दिया है। कांग्रेस वोक्कालिगा अस्मिता को भी हवा दे रही है। यहां रॉयल टक्कर होगी।
देवगौड़ा का पौत्र मोह
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने हासन सीट पोते प्रज्वल रेवण्णा के लिए छोड़ दी और वे दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उनके खिलाफ स्थानीय असंतोष का लाभ कांग्रेस प्रत्याशी श्रेयस एम.पटेल उठाना चाहते हैं। गृह नगर होने के कारण सिद्धरामय्या और वोक्कालिगा गढ़ होने के कारण डीके शिवकुमार ओल्ड मैसूरु में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
Published on:
08 Apr 2024 12:26 pm
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