
बेंगलूरु. साध्वी भव्यगुणाश्री ने सोमवार को किलारी रोड स्थित गुरु राजेंद्र भवन से गुजरात की ओर विहार किया। इस मौके पर साध्वी ने कहा कि जब हम यहां आए थे तो सभी से अपरिचित थे। कोई हमें नहीं जानता था। चार साल के बेंगलूर प्रवास में सभी से संबंध बन गए। साधु-संतों का संबंध उनसे व्यक्तिगत नहीं होता। उनके संबंध तो प्रवचनों, धर्म से होते हैं। उनके सिद्धांतों पर अमल करना ही उनके साथ रिश्ते निभाना जैसा है।
विदाई से पूर्व सीमंधर स्वामी राजेंद्र सूरी संघ, मामूलपेट ने विदाई की कामली उढाकर साध्वीवृंद का सम्मान किया।
साध्वी शीतलगुणाश्री ने कहा कि हमने चार साल में जिनवाणी के जो बीज यहां बोए हैं, उन्हें पल्लवित करना ही हमारे साथ रिश्ते निभाने जैसा है। धर्म को नहीं भूलें। धर्म और परमात्मा के साथ श्रद्धा को बहुत मजबूत करना है।
इस अवसर पर अध्यक्ष मेघराज भंसाली,तिलोकचंद भंडारी ने आभार व्यक्त किया।
विहार सेवा में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कुंकुलोल परिवार ने स्वागत किया। साध्वीवृंद मंगलवार को पार्श्वलब्धि धाम पहुंचेंगे।
Published on:
04 Dec 2023 05:15 pm
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