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माधव आराधना उत्सव: उमड़े श्रद्धालु, मंत्रालयम में छाया उल्लास

उफनती नदी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा घेरे लगाए हैं
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 29 Aug 2018, 4:37 PM IST

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माधव आराधना उत्सव: उमड़े श्रद्धालु, मंत्रालयम में छाया उल्लास

347वें आराधना महोत्सव में शामिल हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत

मठ के मुख्य प्रशासक सुभेन्द्र तीर्थ ने स्वर्ण राज्योत्सव को झंडी दिखाई

रायचूर. जिले के मंत्रालयम में गुरु राघवेन्द्र स्वामी के 347वें आराधना महोत्सव पर आयोजित 'माधव आराधना महोत्सवÓ में शामिल होने के लिए कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु सहित सभी दक्षिण भारतीय राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं का मंत्राालयम आने का तांता लगा हुआ है। माधव आराधना एक विशेष विधान है क्योंकि 347 वर्ष पूर्व 1671 ईस्वी में आज ही के दिन राघवेन्द्र स्वामी ने मंत्रालयम में बृंदावन में प्रवेश किया था। उसके बाद उन्होंने अगले पचास वर्षों तक मठ के प्रमुख के रूप में सेवाएं दीं।

इस विशेष आयोजन को लेकर मंत्रालयम में उत्सव सा नजारा है। हजारों श्रद्धालु मठ के समीप बहने वाली तुंगभद्रा नदी में डुबकी लगा रहे हैं। हालंाकि नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण उफनती नदी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा घेरे लगाए हैं और उसके अंदर ही लोगों को डुबकी लगाने की अनुमति है। मठ परिसर और पूरे शहर मे कई जगह भजन, शास्त्रीय नृत्य, संगीत एवं अन्य प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृति आयोजन हो रहे हैं। इस बीच सुभेन्द्र तीर्थ स्वामी ने प्रहलाद एवं मूलाराम देव पूजा के विधान किए।

महोत्सव के अवसर पर मुख्य बृंदावन परिसर को विशेष किस्म के कपड़े शेषवस्त्रम से सजाया गया है। ये कपड़े तिरुपति तिरूमला देवस्थानम की ओर से मंत्रालयम को भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त कई प्रकार के पुष्प और रंगीन सजावटी सामग्री से पूरा परिसर जगमग है। इस बीच मंगलवार सुबह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मंदिर का दौरा किया और मूलबृंदावन दर्शन विधान में शामिल हुए। मठ के मुख्य प्रशासक सुभेन्द्र तीर्थ ने स्वर्ण राज्योत्सव को झंडी दिखाई। इसमें कन्नड़, तेलुगू और तमिल भाषाओं में संदेश प्रचारित हैं जो विश्व शांति एवं समृद्धि के संदेश दे रहे हैं।