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मैया यशोदा, ये तेरा कन्हैया…

दीप प्रज्वलन के बाद महामंत्री धर्माराम दुबलदिया ने स्वागत किया

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मैया यशोदा, ये तेरा कन्हैया...

बेंगलूरु. मैसूरु रोड स्थित कुमावत समाज सेवा संघ कुम्बलगोडु की ओर से कृष्णा जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रात्रि जागरण हुआ। संघ के अध्यक्ष चुन्नीलाल धमाणिया एवं उपाध्यक्ष मोहनलाल गुगाण ने बाल गोपाल श्रीकृष्ण की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। दीप प्रज्वलन के बाद महामंत्री धर्माराम दुबलदिया ने स्वागत किया। सचिव माणकचंद बलुन्दिया ने गतिविधियों की जानकारी दी। मैसूर के राजूराम कुमावत एंड पार्टी ने कृष्ण कन्हैया की लीलाओं पर भजन पेश किए।

मैया यशोदा, ये तेरा कन्हैया..., मीठा रस स्यू भर्योडी राधा रानी...., यशोमति मैया से पूछे नंदलाला....आदि लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति से माहौल कृष्णमय हो गया। भक्तगणों की उपस्थिति में देर रात्रि तक भजनों की गंगा बही। प्रात: भगवान श्रीकृष्ण की आरती के बाद महाप्रसादी में भक्तों ने आनंद लिया। कार्यक्रम सफल बनाने में कोषाध्यक्ष छेलाराम कुमियाल, संगठन मंत्री सरदारमल बाकरेचा, बाबूलाल घोड़ावड़ एवं ओमप्रकाश दुबलदिया आदि का सहयोग रहा।


श्रीकृष्ण का अभिषेक
मैसूरु. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सोमवार रात को भगवान श्रीकृष्ण का भव्य अभिषेक किया गया। अतिथि मधुसुदन, विधायक एसए रामदास, विधायक एल नागेन्द्र व संदेश स्वामी उपस्थित थे। इस्कॉन अध्यक्ष जय चैतन्य प्रभु, रसिका शेखर प्रभु, गुणारणव प्रभु भी उपस्थित थे।

जन्माष्टमी पर जागरण
बेंगलूरु. जांगिड़ समाज ट्रस्ट कर्नाटक ने बिन्नी मिल स्थित विश्वकर्मा भवन में सोमवार रात्रि कृष्ण जन्माष्टमी मनाई। नेमाराम महेन्द्रकुमार ने स्वागत किया।


गोशाला में जन्माष्टमी
बेंगलूरु. जैन युवा संघ जयनगर की ओर से कोरमंगला गोशाला में जीवदया कार्यक्रम कर तप-त्याग के साथ गोरक्षा व गोसेवा करने की प्रतिज्ञा लेकर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। अध्यक्ष सागर बाफना ने स्वागत किया। मंत्री माणक भंसाली ने धन्यवाद दिया।


मान से विनय व गुण का नाश
मैसूरु. महावीर भवन में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि जिस प्रकार जल के सिंचन से वृक्ष हरा भरा रहता है, उसी प्रकार कषायों के सेवन से अपनी आत्मा का संसार वृक्ष हरा भरा रहता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष को पानी न मिले तो वह सूखने लग जाता है, इसी प्रकार जीवन में कषायों का सेवन बंद हो जाए तो अपनी आत्मा का संसार भी कटने लगता है। मान, कषाय से विनय गुण का नाश होता है। अहंकारी व्यक्ति के व्यवहार, भाषा में नम्रता नहीं होगी। वह अकड़ से ही बात करेगा। जिस बालक में अहंकार की हवा भरी होगी, वह अपने माता पिता का विनय नहीं करेगा।


तपस्या की नदी में छलांग लगाएं
मैसूरु. डॉ समकित मुनि ने कहा कि तपस्या की नदी में छलांग लगाना है। पर्व पर्युषण आ रहा है। एक बार लगाकर देख लेना। तपस्वी बनकर बाहर निकल आओ। उन्होंने कहा कि कभी खुद से मत हारो, कल किसने देखा है। आज का दिन क्यों खोएं। जिन घडिय़ों में तप कर सकते हैं उसको खोएं क्यों। बुधवार को चंदाबाई नंगावत के 31वीं तपस्या के प्रत्याख्यान होंगे।