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मजेठिया फाउण्डेशन शुरू करेगा होम मेडिकेयर इक्विपमेंट सेंटर

मजेठिया फाण्डेशन के अध्यक्ष जितेंद्र मजेठिया ने कहा है कि जनता की सेवा करते आए ्रफाउण्डेशन की ओर से 16 जून को शहर में होम मेडिकेयर इक्विपमेंट सेंटर शुरू किया जाएगा।

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मजेठिया फाउण्डेशन शुरू करेगा होम मेडिकेयर इक्विपमेंट सेंटर

मजेठिया फाउण्डेशन शुरू करेगा होम मेडिकेयर इक्विपमेंट सेंटर

हुब्बल्ली. मजेठिया फाण्डेशन के अध्यक्ष जितेंद्र मजेठिया ने कहा है कि जनता की सेवा करते आए ्रफाउण्डेशन की ओर से 16 जून को शहर में होम मेडिकेयर इक्विपमेंट सेंटर शुरू किया जाएगा। मजेठिया हुब्बल्ली में गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि शहर के आईबी रोड स्थित गिरिराज एनेक्स में शुरू होने वाले सेंटर को डॉ. रमेश बाबू तथा डॉ. जी.बी. सत्तूर उद्घाटन करेंगे। जरूरतमंदों तथा दिव्यांगों को मदद करने की दिशा में विविध सामग्री उन्हें घर में इस्तेमाल करने के लिए देंगे। जरूरतमंद इसका लाभ ले सकते हैं। मजेठिया ने कहा कि फाउण्डेशन की ओर से निम्म आरोग्य नम्म सहाय (आपका स्वास्थ्य, हमारी मदद) योजना के तहत मिलने वाली चिकित्सकीय सामग्रियां दी जाएंगी।

फोल्डिंग व्हील चेयर, शौचग्रह की पहियों की कुर्सी, बेड, एल्यूमिनियम वॉकिंग स्टिक आदि, हवा भरने वाला बेड, पिलो, कफ निकालने वाली मशीन, ऑक्सीजन मशीन (बिना गैस सिलेंडर) आदि इस्तेमाल के लिए लोगों तथा चिकित्सकों को उपलब्ध की जाएंगी। इनके अलावा अन्य कई सामग्री दी जाएंगी। लोगों के स्वास्थ्य के लिए फाउण्डेशन की ओर से दी जाने वाली अल्प सेवा है। अतिरिक्त जानकारी के लिए 08 36 -48 50901 पर संपर्क कर सकते हैं।


संवाददाता सम्मेलन में फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष अनंत अंबेकर, प्रशासनिक अधिकारी महेश सावळगिमठ, सुभाषसिंह जमादार, अमरेश हिप्परगी आदि उपस्थित थे।

परिवार और समाज में रहने की कला सीखें
बेंगलूरु. राममूर्ति नगर जैन स्थानक में विराजित उपाध्याय रवीन्द्र मुनि ने सभा में कहा कि मानव सामाजिक प्राणी है तो लोगों में रहना उसकी फितरत है। परिवार में रहते हुए हमें परिवार में रहना कम ही आता है। यही वजह है कि आज हम एक ऐसे समूह का हिस्सा हैं जो भीतरी बिखराव से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को परिवार, समाज, संस्था आदि का हिस्सा रहकर रहना हो तो उन्हें कुछ अमूल्य सूत्रों पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि यही उन्हें बेहतर तरीका देगा। शांतिपूर्ण जीवनचार्य के ये सूत्र जीवन सूत्र हैं। परिवार में अगर हम ही व्यवस्था न बनाए रखेंगे तो कौन व्यवस्था बनाएगा? पढ़े लिखे भी अव्यवस्थाएं फैलाएं तो दुर्भाग्यपूर्ण है। दूसरा सूत्र सामंजस्य है। सुखमय साथ रहन सहन का। जीवन और परिवार में जब संगीतमय लयबद्धता होती है तब हम लोग आनन्दित होते हैं।


सुखमय जीवन का एक सूत्र समझौता भी है। समझौते को एक कमजोरी के रूप में देखा जाने लगा है पर यह एक उलझन वाली बात है। आज अगर पति पत्नी, मां-बाप और बच्चों के बीच समाज में बिखराव ज्यादा दिख रहा है तो इसका एक बड़ा कारण है समझौता न करने की वृत्ति का होना है। क ोई भी समझौता नहीं करना चाहता। सभा में मुनिवृंद, चिकपेट शाखा के मंत्री गौतमचंद धारीवाल, मंत्री रिखबचंद मेहता ने भी विचार व्यक्त किए।