
अगले साल भी मनेगी टीपू जयंती : मुख्यमंत्री
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि टीपू जयंती मनाने के फैसले में कोई बदलाव का प्रस्ताव नहीं है।
अगले साल भी सरकारी स्तर पर टीपू जयंती मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसौधा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद कहा कि हर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का जाना जरूरी नहीं है।
सरकारी स्तर पर अनेक जयंतियां व उत्सव मनाए जाते हैं लेकिन टीपू जयंती को लेकर ही विवाद खड़ा किया जाता है। अफसोस यह है कि केवल राजनीतिक कारणों से टीपू जयंती पर विवाद उत्पन्न किया जाता है।
पता नहीं सरकार क्यों मनाती है : प्रमोदा
मैसूरु के पूर्व शाही परिवार की वरिष्ठतम सदस्य प्रमोदा देवी ने कहा कि टीपू सुल्तान के कारण उनके परिवार को कई कठिनाइयों और संकटों का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने बुधवार को बेलगावी में केएलई फिजियोथैरेपी केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार क्यों और किसे खुश करने के लिए टीपू जयंती मनाती है, यह बात उनकी समझ से बाहर है।
खुद मुस्लिम समुदाय टीपू जंयती का विरोध करता है। इस्लाम में किसी की जंयती मनाना गुनाह माना जाता है। जब टीपू जयंती की तारीख करीब आती है तो प्रदेश में एक तरह से डर का माहौल पैदा हो जाता है।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा में जबरन जयंती मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि जयंती मनाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर मुसलमानों को ही आगे आना चाहिए। सरकार केवल वोट बैंक के लिए जयंती मनाती है।
उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान ने महारानी लक्ष्मणी देवी को श्रीरंगपट्टण में नजरबंद रखा था। टीपू के हमलों से मैसूरु के राजा को अधिक नुकसान पहुंचा था। दीपावली के दिन ही टीपू ने मेलुकोटे के अयंगार समुदाय के लोगों की सामूहिक हत्या की थी।
मुम्मडी चिकराजा के काल में शाही परिवार के सभी सदस्यों को कैद कर रखा था। अपने परिवार के वरिष्ठ लोगों के आदेशनुसार उन्हें उत्पीडऩ और दुख देने वालों के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगी।
उन्होंने कहा कि वे टीपू के बारे में ज्यादा नहीं बोलेंगी। टीपू जयंती के बारे में सरकार से कोई सवाल नहीं करेंगी। जयंती मनाने या नहीं चलाने का फैसला सरकार करेगी।
Published on:
15 Nov 2018 06:22 pm
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