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नैतिक पुलिसिंग मामला : यह ध्रुवीकरण की राजनीति है: बोम्मई

मुख्यमंत्री के नैतिक पुलिसिंग नहीं वाले निर्देश की आलोचना

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बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या पर उनके 'राज्य में नैतिक पुलिसिंग नहीं' वाले निर्देश को लेकर निशाना साधा और इसे 'ध्रुवीकरण की राजनीति' कहा।

सीएम सिद्धरामय्या का पुलिस को कोई नैतिक पुलिसिंग नहीं सुनिश्चित करने के निर्देश पर पूर्व सीएम बोम्मई ने कहा, सीएम को एसडीपीआई और पीएफआई के बारे में बोलना चाहिए था। उन्हें इन संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहना चाहिए था तो जनता इसकी सराहना करती। यह ध्रुवीकरण की राजनीति है।

उन्होंने कहा कि कानून का राज कायम होना चाहिए और सरकार को असामाजिक ताकतों के खिलाफ काम करना चाहिए। बोम्मई ने कहा, सरकार को अच्छे नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए। आपका काम निष्पक्ष होना चाहिए। राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। हमने उन लोगों की कभी रक्षा नहीं की, जिन्होंने हमारे शासन के दौरान गलत काम किया।

बोम्मई ने कहा कि सीएम ने ऐसे बात की जिससे पुलिस विभाग के निष्पक्ष होने पर संदेह होता है और यह सही नहीं है। सरकारें आएंगी और जाएंगी। उन्हें पुलिस विभाग को मजबूत करना होगा।

कांग्रेस ने हिंदुओं की भावनाएं आहत करने की अपनी मंशा जाहिर की: कटील

मेंगलूरु. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक में ‘मोरल पुलिसिंग’ रोकने के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के बयान के साथ कांग्रेस ने हिंदुओं की भावनाएं आहत करने की अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

कटील ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री के बयान को कांग्रेस के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र के साथ देखा जाना चाहिए जिसमें बजरंग दल पर प्रतिबंध की बात कही गयी है।

लोकसभा सदस्य कटील ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा हिंदू राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगी।

पुलिस बल का भगवाकरण नहीं होने देने संबंधी उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बयान पर कटील ने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने धर्म का अनुसरण करने की स्वतंत्रता है।

उन्होंने कहा कि शिवकुमार का बयान कांग्रेस की सोच और उसकी ‘गंदी राजनीति’ को जाहिर करता है। कटील ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को इस तरह किसी की धार्मिक आस्था पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।