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केवीजी बैंक को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

अटल पेंशन योजना से संबंधित पेंशन निधि नियंत्रण एवं विकास प्राधिकरण की ओर से राष्ट्र स्तर में आयोजित अभियान में लीडरशिप केपिटल 2018 -19 के तह कर्नाटक विकास ग्रामीण (केवीजी) बैंक को उत्कृष्ट निर्वाह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

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केवीजी बैंक को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

केवीजी बैंक को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

धारवाड़. अटल पेंशन योजना से संबंधित पेंशन निधि नियंत्रण एवं विकास प्राधिकरण की ओर से राष्ट्र स्तर में आयोजित अभियान में लीडरशिप केपिटल 2018 -19 के तह कर्नाटक विकास ग्रामीण (केवीजी) बैंक को उत्कृष्ट निर्वाह पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस संबंधित पेंशन प्राधिकरण ने शुक्रवार को नईदिल्ली में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में केवीजी बैंक धारवाड़ के अध्यक्ष एस. रवींद्रन ने पुरस्कार स्वीकर किया।


पुरस्कार मिलने पर खुशी का इजहार करते हुए बैंक अध्यक्ष रवींद्रन ने कहा कि अटल पेंशन योजना दिहाड़ी मजदूरों व गरीब तबकों के लिए वरदान है। निर्धारित किश्त को जमा करवाकर 6 1वें वर्ष की आयु से 1000 रुपए से 5000 रुपए प्रति माह की पेंशन राशि प्राप्त करसकते हैं। इससे किसान, किसान मजदूर, कार्खानों में काम करने वाले, निर्धारित पेंशन के बिना परेशा श्रमिक अपने 6 0वें वर्ष की आयु के पश्चात निर्धारित जीवन व्यतीत कर सकते हैं।


रवींद्रन ने कहा कि पेंशन प्राधिकरण 23 नवम्बर 2018 से 30 नवम्बर 2018 की अवधि में आयोजित सिर्फ 8 दिन के अभियान में 16 8 0 बैंक खाते बनवाकर अपनी बैंक ने उत्तम उपलब्धि हासिल की है। इस दिशा में यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। बैंक ने आज तक 8 7 हजार 558 बैंक खाते बनवाए हैं। इस वित्तीय वर्ष में दिए गए लक्ष्य 31 हजार 950 खातों के बदले 41 हजार 8 17 खाते बनवाए गए हैं।

परीक्षा केंद्र से सीधे विवि भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं
बेंगलूरु. राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस (आरजीयूएचएस) ने शैक्षणिक व प्रशासनिक स्तर पर कई बदलाव किए हैं। परीक्षा प्रणाली में विशेष बदलाव हुआ है। उत्तर पुस्तिकाएं अब परीक्षा केंद्र से ही स्कैन होकर सीधे विवि भेजी जाएंगी। परीक्षा के अगले दिन से ही मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा। इससे परीक्षा परिणाम भी जल्दी आ सकेंगे।


कुलपति डॉ. सच्चिदानंद ने गुरुवार को बताया कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को डाक के जरिए आरजीयूएचएस भेजा जाता था। कोडिंग कर उनका स्कैन किया जाता था। जिसके बाद मूल्यांकन कार्य शुरू होता था। इसमें करीब तीन सप्ताह का समय लग जाता था, उन्होंने बताया कि स्वायत्त नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल मूल्यांकन केंद्र खोले जाएंगे।


कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उन्हें नौकरी पाने लायक बनाया जाएगा। शुरुआत नर्सिंग व एलायड हेल्थ साइंस से होगी। व्यावसायिक चिकित्सा पाठ्यक्रम के साथ प्लेसमेंट सेल स्थापना की योजना है।