
- निखिल कुमार
बेंगलूरु. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को पेश आम बजट (Union Budget) में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर अहम घोषणाएं की। जिनमें नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम अहम है। राष्ट्रीय मानसिक आरोग्य व स्नायु विज्ञान संस्थान (निम्हांस) नोडल केंद्र होगा। मनोरोग विशेषज्ञों ने इस कदम को समय की मांग बताया है।
इस कदम की सराहना करते हुए निम्हांस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति ने पत्रिका से विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी (corona pandemic)का लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे समय पर मानसिक समस्याओं के निपटने के लिए नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (national tele mental health programme) राहत भरा है। इसके लिए 23 टेली मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। बतौर नोडल केंद्र निम्हांस (National Institute of Mental Health and Neurosciences) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ काम करेगा, काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञ तैयार कर इनकी निगरानी करेगा, विभिन्न योजनाएं तैयार करेगा और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
पहले से है अनुभव
शहर का अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसमें दूरसंचार या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकनीक का उपयोग होगा। निम्हांस को इस क्षेत्र में पहले से अनुभव है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। निम्हांस कोरोना महामारी के दस्तक देने के बाद से ही नेशनल साइकोसोशल हेल्पलाइन चला रहा है। लेकिन, यह केवल कोविड से जुड़ी समस्याओं के लिए है। नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम सभी प्रकार की मानसिक बीमारियों से निपटने की बेहद सकारात्मक कोशिश है।
डॉ. मूर्ति ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शिक्षा, जागरूकता और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी भी है। टेली मेंटल सेवा से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। आत्महत्या के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी। सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाएं 24 घंटे खुली रहेंगी।
Updated on:
02 Feb 2022 10:18 am
Published on:
02 Feb 2022 10:04 am
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