
नए अदालत भवन का उद्घाटन 12 को
हुब्बल्ली. देश में ही आदर्श तालुक स्तरीय अदालत भवन कहलाने वाले नए हुब्बल्ली अदालत भवन का उद्घाटन 12 अगस्त को होगा। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा अदालत भवन का उद्घाटन करेंगे।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राघवेंद्र चौहान ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को यादगार बनाने का अधिकारियों से आह्वान किया।
शहर के अशोक नगर कन्नड़ भवन में आयोजित पूर्व तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए न्यायाधीश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश मोहन शांतनगौडऱ, एस. अब्दुल नजीर, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी समेत आनेक गणमान्य भाग लेंगे। इस कार्यक्रम को व्यवस्थित तौर पर गठित कर देश में आदर्श के तौर पर यादगार बनाने के लिए जिले के न्यायपालिका, प्रशासन तथा अधिवक्ताओं को परिश्रम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, कार्यपालिका, पुलिस विभाग के कठिन परिश्रम से यह संभव होगा। कार्यक्रम के लिए परिवहन, शिष्टाचार, आवास, मंच, मेजबानी, भोजन आदि समितियों का गठन किया गया है।
सभी समितियों को सक्षमता से अपना कार्य करना चाहिए। जिलाधिकारी एम. दीपा चोळन ने कहा कि जिला प्रशासन को पहले से ही दसियों महत्वपूर्ण कार्यक्रमों करने का अनुभव प्राप्त है परन्तु इस बार देश के न्याय पालिका के उच्चतम अधिकारियों के कार्यक्रम में भाग लेने से शिष्टाचार का पालन अलग रहेगा। इसे अधिकारियों को समझ कर कही भी कोई चूक ना हो इस पर सतर्कता बरतनी चाहिए।
प्रशासनिक कौशल, समझदारी को सक्षमता के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। न्याय पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर समारोह को गठित करना चाहिए। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश आरबी बूदिहाल, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश केएस मुदगल, रजिस्ट्रार सीएम जोशी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशप्पा भूते, पुलिस उपायुक्त रेणुका सुकुमार, लोकनिर्माण विभाग मुख्य अभियंता जावेद अहमद, अपर जिलाधिकारी इब्राहिम मैगूर, उपविभागीय अधिकारी मुहम्मद सुबेर समेत कई उपस्थित थे।
राज्य को विभाजित करने की मांग अनुचित
धारवाड़. अलग राज्य की बातें करना अखंड कर्नाटक बनाने वाले वरिष्ठों को धोखा देने के बराबर है। कांग्रेसी नेता पी.एच. नीरलकेरी ने कहा है कि अपने स्वार्थ के लिए अखण्ड कर्नाटक को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है जो उचित नहीं है। यह अखंड कर्नाटक बनाने वाले वरिष्ठों को धोखा देने के बराबर है। हमें राज्य को जोडऩे का प्रयास करना चाहिए ना कि तोडऩे का। सरकार का कार्य यदि सही नहीं हो तो सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय राज्य को तोडऩे का प्रयास करने वालों के प्रति यह संदेह उठ रहा है कि क्या वे राज्य के प्रति प्रतिबध्द हैं?
Published on:
07 Aug 2018 04:26 am
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