
बेंगलूरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने विश्वसनीय धुव्रीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) का अगला प्रक्षेपण अब अगले साल जनवरी के पहले सप्ताह में करेगा। पहले पीएसएलवी सी-४० का प्रक्षेपण दिसम्बर के दूसरे पखवाड़े में किए जाने की योजना थी।
इसरो अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पीएसएलवी सी-४० मिशन से स्वदेशी कार्टोसैट सहित ३० उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाएगा। गौरतलब है कि इसरो के इस सबसे विश्वसनीय रॉकेट को ३१ अगस्त बड़ा झटका लगा था जब पीएसएलवी सी-३९ का प्रक्षेपण उष्मारोधी कवच (हीट शील्ड) में गड़बड़ी के कारण विफल हो गया था। इस रॉकेट के इस इतिहास में यह दूसरी विफलता थी।
पीएसएलवी सी-३९ से स्वदेशी नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस १एच का प्रक्षेपण किया गया था। यह उपग्रह नौवहन प्रणाली के एक खराब हो चुके उपग्रह का स्थान लेने वाला था। साथ ही इस मिशन में इसरो ने पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित उपग्रह का प्रक्षेपण किया था।
उन्होंने कहा कि इसरो ने कई महत्वपूर्ण मिशनों को देखते हुए सरकार से अगले दो वित्त वर्षों के लिए बजट में वृद्धि करने की मांग की है। हालांकि, उन्होंने वृद्धि के बारे में ज्यादा ब्यौरा नहीं दिया।
हर माह एक मिशन प्रक्षेपित करने की कोशिश
इसरो ने कहा कि अगले साल हर महीने कम से कम एक मिशन प्रक्षेपित करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-२ मिशन के लिए उपग्रह निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। अगले साल के मध्य तक इस मिशन को प्रक्षेपित किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनी टीम इंडस के चंद्र मिशन को भी इसरो पीएसएलवी से प्रक्षेपित करेगा। हालांकि, अभी प्रक्षेपण तिथि तय नहीं हुई है।
राज्य कैडर के खरोला एयर इंडिया के नए सीएमडी
राज्य कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला को सार्वजनिक विमान सेवा प्रदाता कंपनी एयर इंडिया का नया अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बनाया गया है। खरोला अभी बेंगलूरु मेट्रो रेल निगम (बीएमआरसीएल) के प्रबंध निदेशक हैं। १९८५ बैच के खरोला राजीव बंसल का स्थान लेंगे जो पिछले तीन महीने से एयर इंडिया के कार्यवाहक सीएमडी हैं।
खरोला को ऐसे वक्त में एयर इंडिया का प्रमुख बनाया गया है जब सरकार घाटे में चल रही इस कंपनी को उबारने के लिए रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया को अंतिम रुप देने में जुटी है। अगर सरकार विनिवेश की दिशा में आगे बढ़ती है तो खरोला पर ‘महाराजा’ के सरकारी से निजी उपक्रम बनने की प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी होगी।
Published on:
29 Nov 2017 05:47 am
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