
बेंगलूरु. वाइटफील्ड के एक कैफे में शुक्रवार को हुए हल्के विस्फोट मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। बेंगलूरु पुलिस और केंद्रीय अपराध शाखा इस कम तीव्रता वाले बम विस्फोट की जांच कर रही थी लेकिन, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने मामला एनआईए को सौंप दिया और उसके अधिकारियों ने सोमवार को इसे संभाल लिया। घटना में कम से कम 10 लोग घायल हो गए और सभी का इलाज वर्तमान में कई निजी अस्पतालों में चल रहा है। कर्नाटक सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि राज्य घायलों के इलाज का खर्च उठाएगा।
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने भी विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया था।
कैफे के मालिक राघवेंद्र राव ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू को भी खारिज कर दिया और कहा कि व्यापारिक दायरे में किसी के द्वारा ऐसी हानिकारक गतिविधि करने की कोई संभावना नहीं है।
इस बीच, विपक्ष ने सिद्धरामैय्या के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला किया और कहा कि बम विस्फोट के तथ्य छिपाए जा रहे हैं। विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल घटना के तथ्य छिपाने की कोशिश कर रही है। सरकार ने दोषियों के बारे में एक भी जानकारी उजागर नहीं की।
Published on:
04 Mar 2024 07:43 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
