बेंगलूरु. एक जुलाई से बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर ऊर्जा मंत्री वी. सुनील कुमार ने कहा कि यह फैसला राज्य सरकार का नहीं, राज्य विद्युत नियामक आयोग (केइआरसी) का है। आयोग का फैसला ही इस मामले में अंतिम होता है।
यहां बुधवार को उन्होंने कहा कि हर साल दरों मेें वृद्धि की जाती है। बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव के आधार पर आयोग निर्णय करता है। उत्पादन लागत में वृद्धि के आधार पर हर तिमाही दरों में वृद्धि का प्रावधान भी है। इस मामले में भी कंपनियों के प्रस्ताव के आधार पर आयोग ही निर्णय करता है। इस प्रक्रिया में राज्य सरकार की भूमिका सीमित होती है।