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अब कर्नाटक से नंदिनी ब्रांड घी खरीदेगी आंध्र प्रदेश सरकार, चंद्रबाबू ने बदला सप्लायर

आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए बनने वाले लड्डुओं के लिए घी आपूर्तिकर्ता को बदल दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने घी का सप्लायर बदल दिया है और अब कर्नाटक से नंदिनी ब्रांड घी खरीदना शुरू कर दिया गया है।

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बेंगलूरु. तिरुपति लड्डू मामले को लेकर उठे विवाद के बाद लड्डू बनाने के लिए एक बार फिर नंदिनी घी का उपयोग शुरू हो गया है। आंध्र प्रदेश की पिछली सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर दूषित और मिलावटी घी से लडडू बनाने के आरोपों के बाद अब जमकर राजनीति हो रही है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए बनने वाले लड्डुओं के लिए घी आपूर्तिकर्ता को बदल दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने घी का सप्लायर बदल दिया है और अब कर्नाटक से नंदिनी ब्रांड घी खरीदना शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने जगन मोहन रेड्डी पर प्रहार करते हुए कहा कि जब मार्केट में घी का रेट 500 रुपये किलो था तो पिछली सरकार ने खराब क्वालिटी का घी 320 रुपये किलो के भाव से खरीदा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने मिलावटी घी खरीदा क्योंकि वह सस्ता था।

इससे पहले गुजरात और राजस्‍थान के दो सप्‍लायर घी की सप्‍लाई कर रहे थे। विवाद उठने के बाद एक बार फिर कर्नाटक मिल्‍क फेडरेशन (केएमएफ) को घी सप्‍लाई करने को कहा गया है। केएमएफ पहले भी घी सप्‍लाई करता था लेकिन बाद में दूसरे सप्‍लायर्स को ठेका मिलने के कारण उसने सप्‍लाई बंद कर दी थी।

कर्नाटक के मंदिरों में केवल नंदिनी घी का उपयोग करने का आदेश

बेंगलूरु. आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर के लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घी में पशु वसा की मौजूदगी को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को राज्य भर के सरकारी मंदिरों को प्रसाद और अन्य सेवाओं के लिए केवल कर्नाटक दुग्ध उत्पादक महासंघ (केएमएफ) के नंदिनी घी का ही उपयोग करने का आदेश दिया।

सभी जिला जिलाधिकारियों, धार्मिक बंदोबस्ती विभाग और अन्य अधिकारियों को जारी पत्र में सरकार ने मंदिरों में तैयार किए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि राज्य धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के तहत सभी अधिसूचित मंदिरों को सेवाओं, दीपों और सभी प्रकार के प्रसाद की तैयारी के साथ-साथ दशहरा भवन में केवल नंदिनी घी का उपयोग अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया जाता है। मंदिरों में तैयार किए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है।

राज्य के विभिन्न जिलों में देवस्थान विभाग में शामिल मंदिरों की संख्या 34 हजार है। वार्षिक आय के मानदंडों के आधार पर इनमें से 205 ए श्रेणी के तथा 193 बी श्रेणी के मंदिर है। अन्य मंदिर सी श्रेणी में शामिल है। 25 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय वाले ए श्रेणी के मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रति दिन प्रसाद वितरित किया जाता है।

हालांकि, मंदिरों में वितरित प्रसाद को लेकर अभी तक कोई विवाद नहीं है। लेकिन एहतियात के तौर पर इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने यह आदेश जारी किया है। साथ में अभी वितरित किए जा रहे प्रसाद के नमूने नियमित अंतराल पर लैब को भेजकर प्रसाद की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। तिरुपति बालाजी मंदिर में वितरित लड्डू को लेकर विवाद को देखते हुए देवस्थानम मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने विभाग के आयुक्त तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।