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पानी के लिए हुए झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या

जेजे नगर थाना क्षेत्र में नल से पानी लेने के एक विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई।

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पानी के लिए हुए झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या

पानी के लिए हुए झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या

बेंगलूरु. जेजे नगर थाना क्षेत्र में नल से पानी लेने के एक विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार मैसूरु रोड के रोशन नगर में सोमवार शाम सार्वजनिक नल से पानी लेने के विषय को लेकर झगड़ा हुआ। जिसमें अब्दुल जब्बार (४५) की मौत हो गई।


इस सिलसिले में पुलिस ने पड़ोस के अयूब पाशा, हिदायत पाशा, सद्दाम, इमरान, समीउल्ला, हुसैन, आदिल पाशा और रेहाना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अब्दुल जब्बार के शव के पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।


बताया जारहा है कि अब्दुल जब्बार हृदय संबंधी बीमारी का शिकार था। उसकी मां एक निजी अस्पताल में भर्ती है। मां की तबीयत खराब होने पर जब्बार ने सीने में दर्द की शिकायत की। फिर पानी पीने के बाद उसे दिल का दौरा पडऩे से उसकी मौत हो गई थी। फिर भी पुलिस इसकी जांच कर रही है।

खनन उद्योग में बदहाली को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन
बेंगलूरु. बल्लारी और चित्रदुर्ग जिलों के साथ-साथ आसपास के खनन इलाकों में खनन पर निर्भर करने वाले करीब 6,000 लोगों ने मंगलवार को यहां कर्नाटक में खनन उद्योग की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।


प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी आजीविका की रक्षा करने की अपील की। कर्नाटक गनी अवलंबितहरा वेदिके (केजीएवी) के सदस्यों ने बेंगलूरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनन पर प्रतिबंध से भारी पैमान पर लोग बेरोजगार हुए हैं। केजीएवी प्रवक्ता राजकुमार एस. ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खनन कार्य शुरू करने की अनुमति देने के बाद भी आजीविका को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि उत्पादन की सीमा, ई-नीलामी और अन्य कई प्रतिबंधों के कारण खनन क्षमता घट गई, जिससे लौह-अयस्क उद्योग में स्थिरता आ गई है।


उन्होंने कहा कि सिर्फ कर्नाटक के खनन क्षेत्र में भेदभाव की नीतियां होने के कारण लाखों लोगों की आजीविका को लेकर अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। दुनियाभर में ऐसा कहीं नहीं है। हम सरकार से मुक्त व्यापार की अनुमति और आयात की जगह घरेलू लौह अयस्क को वरीयता देकर हमारी आजीविका सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।