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केवल महिलाओं के लिए खुलेंगे मेट्रो के पहले कोच के दो दरवाजे

नम्मा मेट्रो में 1 मार्च से मेट्रो ट्रेन के पहले कोच के चार में से दो दरवाजे केवल महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया है।

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Namma Metro

बेंगलूरु. नम्मा मेट्रो में 1 मार्च से मेट्रो ट्रेन के पहले कोच के चार में से दो दरवाजे केवल महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया है। हालांकि, कोच के अंदर महिलाओं और पुरुषों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं होगी। नए कोच के साथ मेट्रो रेल पिंक लाइन पर दो महीने में छह कोच वाले ट्रेन का परिचालन करेगा जिसमें एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा नम्मा मेट्रो को नवनिर्मित तीन कोच सौपने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बेंगलूरु विकास मंत्री के.जे. जार्ज ने कहा कि महिला यात्रियों की सुविधाएं ध्यान में रखते हुए मेट्रो टे्रन रेल निगम ने यह फैसला किया है। चार में से दो दरवाजे सिर्फ महिलाओंं के प्रवेश और निकास के लिए आरक्षित करने से महिला यात्रियों को अधिक भीड़भाड़ की स्थिति में मदद मिलेगी। भीड़ वाले कुछ स्टेशनों पर १ मार्च से यह व्यवस्था लागू की जाएगी और यदि इसके सकारात्मक परिणाम मिलने और दूसरे यात्रियों को परेशानी नहीं होने पर इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।


देशी तकनीक से घटी कोच की कीमत
बीईएमएल के प्रबंध निदेशक डीके होटा ने बताया कि बीईएमएल विश्वस्तरीय कोचों का निर्माण कर रहा है। इसमें ६७ प्रतिशत देशी ऑटो पाट्र्स का प्रयोग किया जा रहा है, जिसे आने वाले समय में ९० प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। नम्मा मेट्रो को पहले मिले कोच की कीमत ११.५ करोड़ रुपए थी, लेकिन कंपनी ने धीरे-धीरे स्वदेशी तकनीक अपनाई है जिससे आयात घटा और एक कोच की कीमत ११.५ करोड़ से घटकर ८.९ करोड़ रुपए हो गई है।


उन्होंने कहा कि बीईएमएल मेट्रो के शेष १४७ कोच जून-२०१९ तक आपूर्ति करेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बीईएमएल दिल्ली, जयपुर , और कोलकाता मेट्रो के लिए कोच निर्माण कर रहा है और मुंबई मेट्रो के लिए बातचीत जारी है। बीईएमएल प्रति वर्ष रेलवे को ८०० कोच उपलब्ध करा सकता है और उपनगरीय रेल सेवा के लिए रेलवे की मांग पर वह ३०० कोच उपलब्ध कराने को तैयार है।


दो महीने लगेंगे नए कोच जुडऩे में
मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक महेंद्र जैन ने बताया कि तीन नए कोच मेट्रो में जोडऩे के लिए कई बदलाव किए जाएंगे। इस ट्रेन का अगले दो महीने तक रात में विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाएगा। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) से अनुमति मिलने पर परिचालन किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि मौजूदा ट्रेन की लंबाई ६५.२ मीटर थी, लेकिन छह कोच वाले रैक की लंबाई १३०.३ मीटर होगी। मौजूदा ३ कोच वाली ट्रेन में १३६ सीटें हैं और ८३९ यात्री खड़े होकर कुल ९७५ यात्री सफर कर सकते हैं। छह कोच वाली ट्रेन में २८६ यात्री बैठकर और १७१८ यात्री खड़े होकर कुल २००४ यात्री सफर कर सकेंगे। तिप्पसंद्रा स्थित बीईएमएल परिसर में कोच हस्तांतरित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें केन्द्रीय सांख्यिकी मंत्री अनंत कुमार, जार्ज और बीईएमएल के प्रबंध निदेशक होटा ने नम्मा मेट्रो के प्रबंध निदेशक महेन्द्र जैन को कोचों से जुड़े दस्तावेज सौंपे। इस अवसर पर सांसद पीसी मोहन, विधायक एस. रघु, विधान पार्षद एम. नारायण स्वामी उपस्थित थे।

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