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अतिथि शिक्षकों और व्याख्याताओं की नियुक्ति रद्द करने का किया विरोध

बीबीएमपी BBMP के स्कूलों और कॉलेजों में 80 फीसदी से ज्यादा शिक्षक अतिथि शिक्षक हैं। इनमें से कई एक दशक से भी ज्यादा समय से सेवा दे रहे हैं। इनके अचानक हटाए जाने से इनकी आजीविका प्रभावित होगी।

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अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) ने बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) की ओर से 72 अतिथि शिक्षकों और व्याख्याताओं की नियुक्ति रद्द करने और उनके पारिश्रमिक को स्थगित करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है।

एआइडीएसओ AIDSO ने रविवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों के खराब प्रदर्शन के कारण इन शिक्षकों पर कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। सार्वजनिक शिक्षा को प्रभावित करने वाले व्यापक प्रणालीगत मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। पर्याप्त बुनियादी ढांचे की कमी, स्थायी शिक्षण कर्मचारियों की कमी और शिक्षकों पर अन्य गैर-शिक्षण कार्यों का दबाव जैसे कारक छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। इन गंभीर मुद्दों की अनदेखी करते हुए अतिथि शिक्षकों को दंडित करना अनुचित और अन्यायपूर्ण दोनों है।

बीबीएमपी BBMP के स्कूलों और कॉलेजों में 80 फीसदी से ज्यादा शिक्षक अतिथि शिक्षक हैं। इनमें से कई एक दशक से भी ज्यादा समय से सेवा दे रहे हैं। इनके अचानक हटाए जाने से इनकी आजीविका प्रभावित होगी।