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गंगा कल्याण योजना के लिए पैकेज निविदाएं मंगवाने पर विचार: कारजोल

कुछ स्थानों पर नलकूप तो खोद दिए गए हैं पर मोटर पंप लगवाने और बिजली के कनेक्शन देने में काफी समय व्यतीत हो जाता है। इस विलंब को रोकने के लिए नलकूप खोदने से लेकर , बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवाकर पानी बाहर निकालने तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया के लिए पैकेज निविदाएं आमंत्रित करने के बारे में चिंतन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब वे लघु सिंचाई मंत्री के पद पर थे तब उन्होंने यह निर्णय किया था।

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गंगा कल्याण योजना के लिए पैकेज निविदाएं मंगवाने पर विचार: कारजोल

गंगा कल्याण योजना के लिए पैकेज निविदाएं मंगवाने पर विचार: कारजोल

बेंगलूरु

राज्य के उपमुख्यमंत्री व समाज कल्याण मंत्री गोविन्द कारजोल ने कहा कि गंगा कल्याण योजना के तहत खोदे गए नलकूपों के लिए लघु सिंचाई विभाग की तर्ज पर पैकेज निविदाएं मंगवाने पर विचार किया जा रहा है।

विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के अरगा ज्ञानेन्द्र के प्रश्न व अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के जवाब में कारजोल ने कहा कि गंगा कल्याण योजना को लागू करने से लाभार्थियों के जीवन स्तर में सुधार देखने को मिला है। इससे अजा जजा वर्ग के लोगों की कृषि गतिविधियां बढ़ी हैं और उनका आर्थिक तौर पर सबलीकरण हुआ है। लेकिन यह सच है कि इस योजना के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है।

कुछ स्थानों पर नलकूप तो खोद दिए गए हैं पर मोटर पंप लगवाने और बिजली के कनेक्शन देने में काफी समय व्यतीत हो जाता है। इस विलंब को रोकने के लिए नलकूप खोदने से लेकर , बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवाकर पानी बाहर निकालने तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया के लिए पैकेज निविदाएं आमंत्रित करने के बारे में चिंतन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब वे लघु सिंचाई मंत्री के पद पर थे तब उन्होंने यह निर्णय किया था।

अब समाज कल्याण विभाग की गंगा कल्याण योजना के लिए भी इसी पद्धति को लागू किया जाएगा। इससे पहले अरगा ज्ञानेन्द्र ने कहा कि सरकार को या तो इस योजना को निर्र्धारित समय सीमा के भीतर लागू करना चाहिए या फिर इस योजना को ही बंद कर देना चाहिए। भाजपा के के.जी. बोपय्या ने कहा कि इन नलकूपों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की तरफ से केवल 50 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं जो पर्याप्त नहीं है।मलनाडु क्षेत्र में बिजली का कनेक्शन बहुत महंगा पड़ता है।

लिहाजा बिजली आपूर्ति कंपनियां कनेक्शन देने के लिए कितना अनुमान तय करती है उतना ही धन समाज कल्याण विभाग को देना चाहिए। लेकिन विभाग केवल 50 हजार रुपए देता है। इससे अधिक धन की जरुरत पडऩे पर उस धन की भरपाई बिजली विभाग में उपलब्ध एसपीजी व टीएसपी अनुदान से खर्च करके बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाने चाहिए।