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पाकिस्तानी बच्ची को बेंगलूरु में मिली नई जिंदगी

- इस बीमारी में हड्डियों की कठोरता, दृष्टि और श्रवण की प्रगतिशील हानि व अस्थि मज्जा विफलता आम है

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पाकिस्तानी बच्ची को बेंगलूरु में मिली नई जिंदगी

पाकिस्तानी बच्ची को बेंगलूरु में मिली नई जिंदगी

बेंगलूरु.

Bengaluru के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने दुर्लभ आनुवंशिक विकार से जूझ रही Pakistan की 11 महीने की एक बच्ची को नवीन अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (Bone Marrow Transplant) तकनीक से नई जिंदगी दी। समविया पांच महीने की थी जब दुर्लभ और जीवन-घातक स्थिति इन्फेंटाइल ऑस्टियोपेट्रोसिस (Infantile Osteopetrosis) के कारण उसे इलाज के लिए शहर के नारायण हेल्थ सिटी (Narayana Health City) लाया गया था।

कैंसर रोग विभाग के उपाध्यक्ष डॉ. सुनील भट ने बताया कि इस बीमारी में हड्डियों की कठोरता, दृष्टि और श्रवण की प्रगतिशील हानि व अस्थि मज्जा विफलता आम है। समविया के मामले में परिवार सहित पूरे पाकिस्तान में मैचिंग डोनर नहीं मिल सका। पिता का स्टेम सेल हाफ मैच निकला। चिकित्सकों ने इस स्टेम सेल की मदद से प्रत्यारोपण किया।

रक्तदान के साथ मनाया गणपति महोत्सव

मैसूरु/मण्ड्या@पत्रिका. बनूर कस्बे में विनायक कृपा यशस्वी समूह की ओर से गणपति महोत्सव पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। युवाओं ने बढ़-चढक़र रक्तदान किया। 30 यूनिट रक्त मंड्या स्थित संजीवनी रक्त कोष ने संग्रहित किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह राजपुरोहित, यशस्वी समूह के संस्थापक देवराज, सदस्य शशिकांत गौड़ा, चिराग गौड़ा, प्रीतम गौड़ा, महेन्द्र पलावत, संजीवनी रक्त कोष के निदेशक रघु, सतीश गौड़ा, अनिल कुमार आदि रक्तदाता मौजूद रहे। उधर, विनायक युवक मंडल की ओर से गांव में आयोजित गणेशोत्सव का समापन गुरुवार को हुआ।

मूर्ति के विर्सजन से पहले गांवा में शोभा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में विनायक युवक मंडल अध्यक्ष कृष्णा गौड़ा , वेंकटेश, गगन गौड़ा, लिगाप्पा, राजू गौड़ा, विराट राजपुरोहित, महेंद्र सिंह राजपुरोहित, के. कालाप्पा आदि मौजूद थे।