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शांति का संदेश देने वाले संत थे आचार्य तुलसी : सिरोया

जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा एवं अणुव्रत समिति के संयुक्त तत्वावधान में मुनि रणजीत कुमार, मुनि रमेश के सान्निध्य में आचार्य तुलसी का २२वां महाप्रयाण दिवस शांतिनगर में आयोजित किया गया।

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शांति का संदेश देने वाले संत थे आचार्य तुलसी : सिरोया

शांति का संदेश देने वाले संत थे आचार्य तुलसी : सिरोया

बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा एवं अणुव्रत समिति के संयुक्त तत्वावधान में मुनि रणजीत कुमार, मुनि रमेश के सान्निध्य में आचार्य तुलसी का २२वां महाप्रयाण दिवस शांतिनगर में आयोजित किया गया।
मुनि रणजीत कुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी को हम कभी नहीं भूल सकते। समग्र मानव जाति के उत्थान के लिए विश्वव्यापी अवदान दिए। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी दिव्यता के देव थे।


मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य लहर सिंह सिरोया ने कहा कि आचार्य अशांत विश्व को शांति का संदेश देने वाले संत थे। सिरोया ने कहा कि पंजाब में जब आतंकवाद चरम पर था उस समय आचार्य तुलसी ने शंाति का संदेश दिया था। आचार्य के संदेश का काफी असर पड़ा और पंजाब में शांति बहाल हुई।


जैन समाज के अलावा दूसरे समाजों में भी आचार्य के अणुव्रत सिद्धांत को अपनाया। आज के दौर में अणु्रवत सिद्धांतों की महत्ता और भी बढ़ गई है और इससे जीवन अपनाना ही आचार्य के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रारंभ में मुनिवृंद ने नमस्कार महामंत्र व महिला मंडल ने तुलसी अष्टम से मंगलाचरण किया।


महासभा उपाध्यक्ष कन्हैयालाल गिडिया, आचार्य महाश्रमण चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मूलचंद नाहर, सभा उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर, अभातेम की पूर्व मंत्री वीणा बैद, ज्योति संचेती, तेरापंथ सभा यशवंतपुर अध्यक्ष प्रकाश बाबेल, अणुव्रत समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल चिप्पड़, भूपेंद्र मुथा ने विचार व्यक्त किए।


गायक रवि नाहटा ने सुमधुर गीतों से परमात्मा की महिमा का गुणगान किया। संयोजन जितेंद्र घोषल ने किया जबकि दिनेश छाजेड़ ने आभार ज्ञापित किया।

नंजनगुड़ पहुंचे समकित मुनि
मैसूरु. डॉ समकित मुनि रविवार को सुत्तूर से विहार कर नंजनगुड़ पहुंचे। धर्मसभा में डॉ समकित मुनि ने कहा कि ज्यों ज्यो दिन और रात व्यतीत हो रहे हैं वह वापस लौटकर नहीं आते। व्यक्ति का जो समय धर्म के साथ व्यतीत होता है वह समय सफल होता है और जो समय पाप कार्य में चला जाता है वह असफल होता है।

इसलिए समय का सदुपयोग करना सीखें। दिन और रात रुपी इन दो पाटों में पूरा संसार ***** रहा है, पूरा संसार मौत के मुंह में जा रहा है। बाबूलाल कोठारी ने बताया कि मुनि की विहार सेवा में नंजनगुड और मैसूरु संघ के युवा शामिल हुए।