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दो ही खुराक लेकर लापरवाह हुए लोग

तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल 27 को परखेंगे कोविड मरीजों के उपचार की व्यवस्था स्वास्थ्य मंत्री ने फिर की बूस्टर डोज लेने की अपील

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कोरोना के बढ़ते खतरे को देश संयुक्त अभिभावक संघ ने की स्कूलों में प्रार्थना सभा बंद करने की मांग

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बेंगलूरु. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना कोविड प्रबंधन के लिए परीक्षित रणनीति बनी हुई है।

बैठक में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बताया कि मंडाविया ने कई विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। कोरोना निगरानी बढ़ाने के साथ- साथ कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सुधाकर ने बताया कि मॉक ड्रिल कराकर कोविड के मरीजों के उपचार की व्यवस्थाओं को परखने व ऑक्सीजन आदि सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मंगलवार को अस्पतालों में मॉक ड्रिल होगी।

मंडाविया ने सभी राज्यों को कोविड मरीजों के उपचार के लिए जिला से लेकर तालुक अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर आरिक्षत करने के निर्देश भी दिए। देश में फिलहाल एक्टिव मामलों की दर 0.03 फीसदी है। इसका एक बड़ा कारण भारत में दो खुराक वाली टीकाकरण प्रणाली है। साथ ही हमारे लोगों में सहज प्रतिरक्षा भी एक कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों की तुलना में यह पाया गया है कि हमारे देश के लोगों का झुकाव कोरोना नियंत्रण की ओर अधिक है।

बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने फिर कोविड संक्रमण फैलने के डर से बूस्टर डोज की बढ़ती मांग के मद्देनजर सरकार से कोविशील्ड टीके की का अनुरोध किया। पालिका के मुख्य आयुक्त तुषार गिरिनाथ ने शुक्रवार संवाददाताओं को बताया कि शहर में केवल 9 से 10 लाख लोगों ने कोवैक्सिन लिया लेकिन कोविशील्ड लेने वालों की अधिक संख्या के कारण इसकी अधिक मांग है।

उन्होंने कहा कि बीबीएमपी के पास कोविशील्ड टीके की दो खुराक ले चुके बूस्टर डोज के पात्र लोगों का विवरण उपलब्ध है। 60 साल से अधिक उम्र वालों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है। पालिका के पास कोवैक्सिन ज्याद संख्या में उपलब्ध है। अगले माह जनवरी मे इसकी अवधि खत्म होगी।

उन्होंने कहा कि शहर में पॉजिटिव दर बहुत कम है। फिर भी अस्पताल आने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछली तीन कोरोना लहर के दौरान की गई व्यवस्थाएं फिर से लागू करने का फैसला लिया गया है।

कोविड की रोकथाम के लिए निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के प्रशासन बोर्ड के साथ शीघ्र ही बैठक होगी। आईसीयू, नॉन आइसीयू, बेड की व्यवस्था और ऑक्सीजन संयंत्र (प्लांट) का निर्माण कहां हुआ था, इसकी समग्र जानकारी प्राप्त की जा रही है।