
बेंगलूरु. शहर में रविवार को 15वीं टीसीएस वर्ल्ड 10के रेस में दुनियाभर के धावकों ने जोर आजमाइश की लेकिन रेस की सबसे बड़ी खासियत इसका उत्सवी माहौल में होना और आम लोगों की भागीदारी रही। लोगों ने रेस में भाग लेने के साथ ही कई तरह के सामाजिक संदेश भी दिए और रेस को महज एक खेल इवेंट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बना दिया। रेस में दौड़ने वालों के साथ ऐसे लोगों ने भी भाग लिया जो चल भी नहीं सकते या पहियों वाली कुर्सी पर निर्भर हैं। इसी से पता चलता है कि रेस के प्रति लोगों के मन में क्या भावनाएं थीं।

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