
बाजारों में मंगलवार को उगादि की पूर्व संध्या पर खूब चहलपहल देखने को मिली।

शहर के चिकपेट, केआरपेट, चामराजपेट जैसे मुख्य बाजारों में सुबह से देर रात्रि तक भीड़भाड़ रही।

आम के पत्ते, तुलसी की मंजरी और केले के पत्तों की बिक्री जोरों पर रही।

फल-फूल की दुकानों में ग्राहकों की लंबी कतारें नजर आईं।

कुछ ग्राहकों का कहना है कि पारंपरिक पूजन सामग्रियां महंगी हो रही हैं।

उगादि के पर्व नई फसलें आने की खुशी के तौर पर भी मनाया जाता है।

पूजन सामग्रियों में सर्वाधिक मांग फूलों की देखी गई।

ऐसा माना जाता है कि उगादि के दिन से ही युग की शुरूआत हुई थी।

युगादि के पर्व पर दक्षिण भारत के राज्यों में पारंपरिक पकवान बनाने का चलन है।