बेंगलूरु: सनातन धर्म पर किए जा रहे बयानों से सियासत में अब भी गरमाहट है। राजनेता एक दूसरे पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश के बीना शहर में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी विपक्षी गठबंधन इंडिया पर सनातन धर्म को मिटाने के आरोप लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया को घमंडिया करार दिया और आरोप लगाया कि उनके पास न तो कोई नीति-मुद्दे हैं और न ही कोई नेता।
उन्होंने कहा कि एक तरफ आज का भारत दुनिया को जोड़़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। दुनिया के मंचों पर हमारा भारत विश्व मित्र के रूप में सामने आ रहा है। दूसरी तरफ कुछ ऐसे दल हैं, जो देश को, समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। इन्होंने मिलकर एक इंडी (I.N.D.I.A.) अलायंस बनाया है। इस इंडी अलायंस को कुछ लोग घमंडी गठबंधन भी कहते हैं। इनका नेता तय नहीं है। इनके नेतृत्व पर भ्रम है। हाल ही में इस गठबंधन की मुंबई में मीटिंग हुई थी। मुझे लगता है उस मीटिंग में उन्होंने घमंडिया गठबंधन कैसे काम करेगा, उसकी नीति बना ली है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन ने एक हिडेन एजेंडा भी तय कर लिया है। घमंडिया गठबंधन सनातन धर्म को मिटाकर देश को फिर 1 हजार साल की गुलामी में धकेलना चाहते हैं। हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है।
स्वतंत्रता सैनानियों को किया याद
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन के लोग उस सनातन धर्म को समाप्त करना चाहते हैं, जिससे प्रेरित होकर देवी अहिल्या बाई ने काम किया। लोकमान्य तिलक ने स्वतंत्रता का बीड़ा उठाया। आज उसी सनातन धर्म को ये इंडी गठबंधन तहस नहस करना चाहता है। स्वतंत्रता आंदोलन के वीर कहते थे कि अगला जन्म उन्हें भारत मां की गोद में मिले। ये सनातन संस्कृति शबरी की पहचान है। इसलिए देश से प्यार करने वाले को सतर्क रहने की जरूरत है। हमारी संगठन की शक्ति, एकजुटता से उनके मंसूबों को नाकामयाब करना है। भाजपा जनशक्ति, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा के लिए समर्पित हैं। यहीं भाजपा के सुशासन का मूलमंत्र है। भाजपा सरकार आपके घर तक पहुंचकर आपकी सेवा करने का प्रयास करती है।
पीएम के बयान पर कर्नाटक के मंत्री बोले
प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि पीएम मोदी जो कहना चाहते हैं वे कहने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कई गंभीर मुद्दे हैं जिन पर उन्हें ध्यान देना चाहिए। सनातन धर्म 3500 से अधिक वर्षों से जीवित है और अगले 3,500 वर्षों तक जीवित रहेगा। इसके लिए किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं है।