
उत्तर की उपेक्षा पर सियासी उफान
बेंगलूरु. अलग उत्तर कर्नाटक राज्य की मांग को लेकर 13 जिलों में 2 अगस्त को बंद के आह्वान के एक दिन बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि वे अलग राज्य की मांग करने वालों के उस क्षेत्र के विकास को लेकर साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। कुमारस्वामी ने उत्तर कर्नाटक के विकास पर बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वे इस मांग का समर्थन करने वालों के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही कुमारस्वामी ने अलग राज्य की मांग करने वालों को उत्तर कर्नाटक की समस्याओं पर चर्चा के लिए भी आमंत्रित किया।
कुमारस्वामी ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं उन्हें पिछले 60-70 सालों में उस क्षेत्र में विकास के लिए हुए काम के बारे में जानकरी नहीं है। बिना पूरी जानकारी के ही ऐसे लोग ये सब कर रहे हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि उत्तर कर्नाटक की उपेक्षा सिर्फ पिछले दो महीनों में ही हुई है। कुमारस्वामी ने काफी तल्खी भरे अंदाज मेें कहा कि मेरे सत्ता संभालने और गठबंधन सरकार बनने के बाद ही उत्तर कर्नाटक के लोगों को उपेक्षा का अहसास हो रहा है। कुमारस्वामी ने कहा कि वे इस मसले पर कहीं भी बहस करने के लिए तैयार हैं। अखंड कर्नाटक को मजबूती प्रदान करने व उत्तर कर्नाटक के साथ होने वाले भेदभाव को दूर करने के मकसद से बेलगावी में सुवर्ण सौधा का निर्माण किया गया है, राज्य के विभाजन के लिए नहीं।
अखंड कर्नाटक ही हम सभी का लक्ष्य है। कुमारस्वामी ने कहा कि कुछ लोग उपेक्षा के बहाने राज्य को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि वे इस मसले पर जनसुनवाई अथवा इस मांग का समर्थन करने वाले संगठनों की बैठक बेलगावी के सुवर्ण सौधा में बुलाने के लिए तैयार हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि वे खुले तौर पर उन लोगों से आग्रह करते हैं कि क्षेत्र की समस्याओं को मेरी जानकारी मेें लाएं।
Published on:
27 Jul 2018 04:58 pm
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